मंगलौर पुलिस द्वारा ATM बदलकर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करते पुलिसकर्मी।
हरिद्वार, 12 मई 2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत हरिद्वार पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने एटीएम बदलकर लोगों के खातों से पैसे निकालने वाले अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 12 एटीएम कार्ड और ₹10,710 नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था और खासतौर पर गांव-देहात के बुजुर्गों तथा महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। आरोपी बड़ी चालाकी से एटीएम मशीनों के पास खड़े होकर लोगों की मदद करने के बहाने उनके कार्ड बदल लेते थे और बाद में खातों से पैसे निकालकर फरार हो जाते थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कोतवाली मंगलौर क्षेत्र निवासी वादिया मुकेश पत्नी रमन निवासी मुण्डलाना ने पुलिस को शिकायत दी कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनका एटीएम कार्ड बदलकर खाते से लगभग 70 हजार रुपये निकाल लिए हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने तत्काल प्रभारी निरीक्षक मंगलौर को घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। इसके बाद उपनिरीक्षक नितिन विष्ट, चौकी प्रभारी कस्बा मंगलौर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सबसे पहले घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और आसपास के कई इलाकों में लगे करीब 356 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। पुलिस ने पुराने एटीएम फ्रॉड मामलों में गिरफ्तार आरोपियों का सत्यापन भी किया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। 11 मई 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संजय पुत्र अमर निवासी चांदपुर थाना बड़गांव जनपद सहारनपुर, उत्तर प्रदेश को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
आरोपी ने बताया कि उनका गिरोह हरिद्वार, देहरादून, मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य एटीएम मशीनों के पास खड़े रहते थे और जैसे ही कोई बुजुर्ग, महिला या कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति पैसे निकालने आता था, वे मशीन खराब होने या कार्ड फंसने का झांसा देकर उसका एटीएम कार्ड बदल लेते थे। बाद में उसी कार्ड से खाते से रकम निकाल ली जाती थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गैंग के सदस्य आपस में संपर्क बनाए रखने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी अपने नाम पर सिम कार्ड तक नहीं लेते थे। इसके अलावा गिरोह ज्यादातर वारदात रविवार के दिन करता था, क्योंकि उस दिन बैंक बंद रहते हैं और पीड़ित तुरंत शिकायत दर्ज नहीं करा पाते थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से खातों से रकम निकाल लेते थे।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में धोखाधड़ी, चोरी, साइबर अपराध और आईटी एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी पर पहले भी एटीएम बदलकर ठगी करने, साइबर फ्रॉड और चोरी के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद वह लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 12 एटीएम कार्ड और ₹10,710 नगद बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद एटीएम कार्ड किन-किन लोगों के हैं और आरोपी गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत साइबर अपराधियों और ठगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि एटीएम का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें और किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें। यदि कोई व्यक्ति एटीएम मशीन के पास संदिग्ध गतिविधि करता दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
उन्होंने कहा कि आजकल साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को एटीएम इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना चाहिए। पुलिस लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है ताकि लोग साइबर ठगी से बच सकें।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक भगवान महर, उपनिरीक्षक नितिन विष्ट, हेड कांस्टेबल अमित शर्मा, कांस्टेबल उत्तम, रणवीर, विनोद और सीआईयू रुड़की के कांस्टेबल महिपाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की इस सफलता की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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