जिला कार्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते जिलाधिकारी मयूर दीक्षित।
रिपोर्टर जतिन
हरिद्वार, 18 मई 2026। हरिद्वार में आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जनपद में कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और लोगों को बारिश के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने नालों और नालियों की सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मानसून के मद्देनजर जिलाधिकारी ने नगर निगम हरिद्वार और नगर निगम रुड़की को उनके अधीन आने वाले सभी नालों और नालियों की सूची जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी नालों की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए ताकि बारिश के दौरान जल निकासी में कोई बाधा न आए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में जलभराव की समस्या सामने आती है तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि पिछले वर्षों में कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या देखने को मिली थी, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार प्रशासन पहले से तैयारी कर रहा है ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई अभियान को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ लिया जाए तथा नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और पंचायतीराज विभाग को विशेष निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहां हर वर्ष जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। इन क्षेत्रों में समय रहते जेसीबी मशीनों के माध्यम से जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा स्थानीय लोगों से फीडबैक लेकर भी समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सफाई अभियान चलाना नहीं बल्कि लोगों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाए। साथ ही नालों में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।
बैठक के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि बारिश शुरू होने से पहले सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखें। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पंपिंग सेट, जेसीबी मशीनें और अन्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड में रखने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जनपद है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की साफ-सफाई तथा बेहतर जल निकासी व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी आरके सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी, जिला शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग डीपी सिंह, जिला आपदा अधिकारी मीरा रावत सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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