हरिद्वार AHTU की बड़ी सफलता: नेपाल से लापता छात्र को सकुशल बरामद किया
हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस की मानवीय पहल और तत्परता का एक और सराहनीय उदाहरण सामने आया है। “ऑपरेशन स्माइल” के तहत एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) हरिद्वार ने पड़ोसी देश नेपाल से लापता हुए एक मासूम छात्र को सकुशल बरामद कर उसके परिवार को सौंप दिया। इस कार्रवाई से न केवल एक परिवार को उसकी खोई हुई खुशियां वापस मिलीं, बल्कि हरिद्वार पुलिस की कार्यशैली की सराहना देश-विदेश तक हुई।
मामला नेपाल के बागमती प्रदेश के मकवानपुर जिले के ग्राम बसामाड़ी का है, जहां रहने वाले हरिशरण बतोला का बेटा सोहन बतोला 29 मार्च 2026 से अचानक लापता हो गया था। सोहन गांव के ही एक सरकारी विद्यालय में छठी कक्षा का छात्र है। बेटे के अचानक गायब हो जाने से परिवार के लोग बेहद परेशान हो गए थे। उन्होंने हर संभव स्थान पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया। इसी दौरान नेपाल के जिला प्रहरी कार्यालय हेटोडा द्वारा हरिद्वार पुलिस से सहयोग का अनुरोध किया गया।
इस सूचना पर हरिद्वार पुलिस की AHTU टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। “ऑपरेशन स्माइल” के तहत टीम ने बच्चे की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए। टीम ने नेपाली भाषा के जानकारों की मदद से बच्चे की काउंसलिंग कराई और विभिन्न मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नेपाल में भी सूचना का प्रसारण किया।
इसके साथ ही टीम ने नेपाल की संस्थाओं जैसे “दुरास एक्सप्रेसमेल” और “माहिती नेपाल” से भी संपर्क स्थापित किया, ताकि बच्चे के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाई जा सके। लगातार प्रयासों और कड़ी मेहनत के बाद टीम को 12 अप्रैल 2026 की रात महत्वपूर्ण सफलता मिली। स्थानीय थाना हेटोडा, नेपाल से संपर्क करने पर यह पुष्टि हुई कि बच्चे की गुमशुदगी वहां दर्ज है। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से बच्चे के परिवार को सूचना दी गई। परिवार को जब यह पता चला कि उनका बेटा सकुशल मिल गया है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
हालांकि, परिवार इस बात को लेकर चिंतित भी था कि उनका बेटा हरिद्वार में है और उसे कैसे वापस लाया जाएगा। नेपाल पुलिस के अनुरोध और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से बच्चे के पिता हरिशरण को हरिद्वार बुलाया गया।

हरिद्वार पहुंचने पर AHTU टीम ने रेलवे स्टेशन पर उन्हें रिसीव किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार बच्चे सोहन को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पिता और पुत्र का यह मिलन भावुक कर देने वाला था। हरिशरण की आंखों में आंसू थे, लेकिन चेहरे पर अपने बेटे को पाने की खुशी साफ झलक रही थी।
इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों को सुरक्षित रूप से नेपाल रवाना कर दिया। हरिद्वार बस स्टेशन से नेपाल जाने वाली बस में बैठाकर उन्हें उनके घर के लिए विदा किया गया।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान हरिद्वार पुलिस की संवेदनशीलता और समर्पण देखने को मिला। न केवल बच्चे को सकुशल ढूंढा गया, बल्कि उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी भी निभाई गई।
हरिद्वार पुलिस की इस सराहनीय कार्यवाही की प्रशंसा नेपाल पुलिस और बच्चे के परिजनों ने खुले दिल से की। नेपाल पुलिस के जिला प्रहरी निरीक्षक ने भी हरिद्वार पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त किया।
इस अभियान में AHTU ऑपरेशन स्माइल टीम के मुख्य आरक्षी राकेश कुमार, मुख्य आरक्षी बीना गोदियाल, आरक्षी दीपक चंद और महिला आरक्षी शशिबाला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी मेहनत और समर्पण के कारण ही यह संभव हो पाया कि एक मासूम को उसके परिवार से मिलाया जा सके।
कुल मिलाकर, हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई एक मिसाल है कि किस तरह पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करती है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। “ऑपरेशन स्माइल” के तहत इस तरह की सफलताएं न केवल पुलिस का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि आम जनता का विश्वास भी मजबूत करती हैं।
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