बीडी इंटर कॉलेज भूमि धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार आरोपी के संबंध में कार्रवाई करती भगवानपुर पुलिस
बीडी इंटर कॉलेज भूमि प्रकरण में भगवानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक और आरोपी गिरफ्तार
भगवानपुर। हरिद्वार जनपद के चर्चित बीडी इंटर कॉलेज भूमि विक्रय मामले में भगवानपुर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दयानन्द एंग्लो वैदिक (डीएवी) संस्था की लगभग साढ़े आठ बीघा भूमि को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी के माध्यम से बेचने के मामले में पुलिस ने एक अन्य वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस प्रकरण के मुख्य आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
पुलिस के अनुसार मामला 22 मार्च 2026 का है, जब दयानन्द एंग्लो वैदिक संस्था के आजीवन सदस्य सुधीर कुमार त्यागी ने भगवानपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दुष्यन्त कुमार और उसके सहयोगियों ने फर्जी सोसाइटी बनाकर संस्था की लगभग 8.5 बीघा भूमि को बिना वैध अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के धोखाधड़ी से बेच दिया।
शिकायत में यह भी कहा गया कि संस्था की संपत्ति को नियमों की अनदेखी करते हुए रुड़की निवासी एक व्यक्ति को विक्रय कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए भगवानपुर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी दुष्यन्त कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी।
पुलिस टीम ने फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए। इस दौरान मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और विभिन्न संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी गई। जांच में सामने आया कि वांछित आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार स्थान बदल रहे थे। इसी क्रम में 31 मई 2026 को पुलिस को एक महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी मोहम्मद मुर्सलीन पुत्र असगर निवासी ग्राम शेरपुर, थाना भगवानपुर, जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है तथा नियमानुसार न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस पूरे प्रकरण में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भूमि से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति इस षड्यंत्र में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थाओं की भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई से जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है। इस कार्रवाई को सफल बनाने में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश सैनी और कांस्टेबल उवैदल्लाह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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