भगवानपुर कोतवाली में पुराने पोस्टमार्टम माल का निस्तारण करती पुलिस और प्रशासनिक टीम।
रिपोर्टर जतिन
हरिद्वार, 15 मई 2026। कोतवाली भगवानपुर पुलिस ने मालखाने में वर्षों से रखे पोस्टमार्टम संबंधी पुराने माल का नियमानुसार निस्तारण कर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया। लंबे समय से जमा पड़े बिसरा जार और पोस्टमार्टम से जुड़े पुलिंदों को प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी में पूरी सुरक्षा और निर्धारित मानकों के तहत नष्ट किया गया। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी रही, क्योंकि वर्षों पुराने माल का एक साथ इतने बड़े स्तर पर निस्तारण किया गया।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 15 मई 2026 को कोतवाली भगवानपुर परिसर में की गई। मालखाने में वर्ष 2018 से लेकर वर्ष 2025 तक के पोस्टमार्टम मामलों से संबंधित सामग्री रखी हुई थी। इनमें कुल 162 जार बिसरा और 34 पुलिंदे शामिल थे। लंबे समय से सुरक्षित रखे गए इन मालों का रिकॉर्ड जांचने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार निस्तारण किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मालखानों में रखे पोस्टमार्टम संबंधी सामान को विशेष सावधानी के साथ संरक्षित किया जाता है, क्योंकि यह कई मामलों में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में काम करता है। लेकिन जब किसी मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाती है और माल की आवश्यकता नहीं रह जाती, तब उसका सुरक्षित निस्तारण किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत भगवानपुर कोतवाली में भी पुराने माल को हटाने की कार्रवाई की गई।
निस्तारण की पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी में संपन्न हुई। इस दौरान उपजिलाधिकारी भगवानपुर, क्षेत्राधिकारी मंगलौर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भगवानपुर के चिकित्सा अधीक्षक, सहायक अभियोजन अधिकारी उपखंड रुड़की, प्रभारी निरीक्षक भगवानपुर और मालखाना मोहर्रिर मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों की उपस्थिति में पूरे रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया और उसके बाद सामग्री को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार सबसे पहले उचित गहराई का गड्ढा खोदा गया। इसके बाद बिसरा जार और पुलिंदों को सावधानीपूर्वक उसमें डाला गया। स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अम्लीय छिड़काव किया गया और नमक डालकर सामग्री को पूरी तरह नष्ट किया गया, ताकि किसी प्रकार का संक्रमण या स्वास्थ्य संबंधी खतरा उत्पन्न न हो। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मालखाने में वर्षों से जमा माल का समय-समय पर निस्तारण करना जरूरी होता है। इससे न केवल रिकॉर्ड व्यवस्था बेहतर बनी रहती है, बल्कि मालखाने में अनावश्यक सामग्री का दबाव भी कम होता है। इसके अलावा संवेदनशील पोस्टमार्टम सामग्री को सुरक्षित तरीके से नष्ट करना स्वास्थ्य और पर्यावरण की दृष्टि से भी बेहद जरूरी माना जाता है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पुलिस रिकॉर्ड व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी प्रकार की जैविक सामग्री खुले वातावरण में न जाए। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी पुराने और निष्प्रयोज्य माल का नियमानुसार निस्तारण जारी रहेगा।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह सतर्क दिखाई दी। अधिकारियों ने सभी प्रक्रियाओं को विधिक और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरा कराया। भगवानपुर पुलिस की इस कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था और रिकॉर्ड प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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