चारधाम यात्रा 2026: हरिद्वार में खाद्य विभाग की छापेमारी, कई ढाबों को नोटिस
हरिद्वार, 24 अप्रैल 2026। आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर हरिद्वार प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि जनपद में किसी भी प्रकार की खाद्य मिलावट या ओवररेटिंग न होने पाए और इसके लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाए।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें। इसी दिशा में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में होटल, ढाबों, दुकानों और रेस्टोरेंट्स का सघन निरीक्षण किया जा रहा है।
सहायक आयुक्त एवं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड सचिन कुर्वे और जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन की टीम द्वारा नेशनल हाईवे 334 के बहादराबाद क्षेत्र में स्थित ढाबों और होटलों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कुल 14 ढाबों और होटलों की जांच की गई। अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठानों को फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड और फूड लाइसेंस प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिस पर विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के तहत दुबे ग्रीन चिली ढाबा को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करने और खराब फ्राई तेल को सुरक्षित तरीके से न रखने के कारण नोटिस जारी किया गया। वहीं, चौहान शुद्ध वैष्णव ढाबा को गलत फूड रजिस्ट्रेशन पर संचालन करने के लिए नोटिस दिया गया। इसके अलावा व्यंजन वेन्यू ढाबा और शांतरशाह स्थित एक रिसॉर्ट होटल को भी विभिन्न अनियमितताओं के चलते नोटिस जारी किए गए। इनमें फूड लाइसेंस नंबर बिल पर अंकित न करना और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, 23 अप्रैल को पूर्ति विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चंडी मंदिर से गेडीखाता तक हाईवे पर स्थित ढाबों और होटलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 9 प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिनमें कई जगह फूड लाइसेंस प्रदर्शित नहीं किया गया था। एक ढाबा बिना लाइसेंस के संचालित पाया गया, जिस पर कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण के दौरान चंडी देवी मंदिर क्षेत्र में लगाए गए जूस, पानी और खाद्य स्टाल संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए गए कि वे कूड़ा-कचरा इधर-उधर न फैलाएं और उसका उचित निस्तारण निर्धारित डंपिंग ग्राउंड पर ही करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी कारोबारी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूर्ति विभाग की टीम ने भी सभी होटल और ढाबा संचालकों को अपने प्रतिष्ठान पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही व्यवसायिक गैस सिलेंडर के उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं पाया गया, जो प्रशासन के लिए राहत की बात रही।
इस संयुक्त अभियान में पूर्ति निरीक्षक प्रकाश फत्याल, मुकुल शर्मा और अरुण सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि चारधाम यात्रा के दौरान इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अंततः, हरिद्वार प्रशासन का यह प्रयास है कि हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सके। यह कार्रवाई न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि यात्रियों के स्वास्थ्य और विश्वास को बनाए रखने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
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