मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए।
देहरादून में आयोजित 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। कार्यक्रम में 42 टीमों के 3390 खिलाड़ी, जिनमें 700 से अधिक महिलाएं शामिल हैं, ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने इसे “खेल और हरित चेतना का संगम” बताते हुए खिलाड़ियों और वन अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।
वन खेलकूद प्रतियोगिता का महत्व
अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता देशभर के वन अधिकारियों, कर्मचारियों और कर्मचारियों के बीच टीम भावना, फिटनेस और पर्यावरण चेतना बढ़ाने का एक प्रमुख राष्ट्रीय आयोजन है। इस प्रतियोगिता की मेजबानी इस बार उत्तराखंड को मिली है — जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन संपदा और खेल संस्कृति के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “यह आयोजन देवभूमि के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि यह न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित करता है बल्कि वन संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।”

देहरादून में वन खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर (देहरादून) में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल और कल्पना सैनी, विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, खजान दास, सविता कपूर समेत अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा,
“उत्तराखंड को इस आयोजन की मेजबानी का अवसर मिलना राज्य के लिए सम्मान की बात है। यह खेल, पर्यावरण और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम है।”
खिलाड़ी और 700 महिला प्रतिभागी: खेल और समानता का प्रतीक
इस वर्ष प्रतियोगिता में 42 टीमों से 3390 खिलाड़ी शामिल हुए हैं, जिनमें 700 से अधिक महिला खिलाड़ियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा,
“खेल केवल शरीर को मजबूत नहीं करते, बल्कि मनोबल, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी सशक्त करते हैं।”
खेल और वन संस्कृति का संगम
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को प्रोत्साहित करने और वन संसाधनों के संरक्षण के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है।
उन्होंने कहा,
“हमारे प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक ला रहे हैं। सरकार उन्हें ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति और 50 लाख रुपये तक की सम्मान राशि दे रही है।”
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य और उत्तराखंड की बेटी स्नेहा राणा को हाल ही में 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।
खेल वन’ की अनोखी पहल
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की “ग्रीन गेम्स” अवधारणा की सराहना की, जिसमें खेल आयोजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने बताया कि 2.77 हेक्टेयर भूमि पर “खेल वन” विकसित किया गया है, जहाँ खिलाड़ियों के नाम पर 1600 से अधिक रुद्राक्ष वृक्ष लगाए गए हैं।
“यह खेल वन, खेल उत्कृष्टता के साथ हरित चेतना का प्रतीक बनेगा।”
वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक तकनीक का उपयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य का 71 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो इसे देश का “ऑक्सीजन बैंक” बनाता है। प्रदेश में 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र हैं।
वन्यजीव संरक्षण के लिए सरकार ने GPS ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस और डॉग स्क्वॉड जैसी आधुनिक तकनीकें अपनाई हैं।
मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा राशि भी 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।

योजना और इको-टूरिज्म
सीएम धामी ने बताया कि युवाओं को “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” के तहत नेचर गाइड, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ट्रेकिंग गाइड और इको-टूरिज्म उद्यमी बनने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
साथ ही “कैन्टर राइड” जैसी पहलों से स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोड़कर आजीविका के अवसर भी बढ़ाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉर्बेट में एक अत्याधुनिक “रेस्क्यू सेंटर” बनाया गया है, जिसे “वन्यजीवों का एम्स” कहा जा सकता है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का भावुक आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए सभी खिलाड़ियों से अपील की,
“आप यदि अपनी माता जी के नाम एक पौधा लगाएंगे, तो यह आयोजन माँ के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति संवेदना का प्रतीक बनेगा।”
उत्तराखंड में खेल और हरित चेतना को नई दिशा
इस आयोजन से राज्य के खेल ढांचे को बल मिलेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय समुदायों को रोजगार के अवसर और इको-टूरिज्म से आय के नए साधन मिल रहे हैं।
जनता में हरित चेतना बढ़ाने की दिशा में भी यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा।
हरित उत्तराखंड का संकल्प

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वन अधिकारी और खिलाड़ी अपनी मेहनत और अनुशासन से खेलों में उत्कृष्टता के साथ-साथ हरित उत्तराखंड निर्माण का संकल्प भी पूरा करेंगे।
“आप सभी अपने परिश्रम से आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, सशक्त और हरित भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।”
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