एसटीएफ टीम द्वारा रुद्रपुर में तीन किलो अफीम बरामद करते हुए गिरफ्तारी का दृश्य
उत्तराखंड एसटीएफ ने एक बार फिर नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। रुद्रपुर में वाहन चेकिंग के दौरान एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने दो तस्करों को तीन किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी उत्तर प्रदेश के बहेड़ी क्षेत्र से अफीम लाकर उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में सप्लाई करने की फिराक में थे।
नशे के कारोबार का बढ़ता जाल
उत्तराखंड में हाल के वर्षों में नशे का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। एसटीएफ और नारकोटिक्स विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन नशे के तस्कर नए-नए रास्तों से सप्लाई नेटवर्क सक्रिय कर रहे हैं। रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज और हल्द्वानी जैसे औद्योगिक शहर इन दिनों इस कारोबार के केंद्र बनते जा रहे हैं।
एसटीएफ ने पिछले कुछ महीनों में कई बार बड़े स्तर पर अफीम, चरस और स्मैक की खेप पकड़ी है, जिससे साफ है कि उत्तराखंड को अब ट्रांजिट पॉइंट की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
गिद्धपुरी मार्ग पर हुई कार्रवाई
मंगलवार शाम एसटीएफ टीम निरीक्षक एमपी सिंह के नेतृत्व में ग्राम गिद्धपुरी मार्ग पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। घबराहट में उनकी बाइक फिसल गई और दोनों नीचे गिर पड़े।
पुलिस ने जब तलाशी ली तो उनके पास से तीन किलो अफीम बरामद हुई। मौके पर पूछताछ में दोनों की पहचान सलीम पुत्र रहमत अली और शेर मोहम्मद पुत्र रफीक अहमद, निवासी ग्राम बहीपुर सठेरी, थाना बहेड़ी, जिला बरेली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर का बयान
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सलीम लंबे समय से नशे के कारोबार में सक्रिय है और उत्तराखंड में अफीम की बड़ी खेपें पहुंचाता रहा है। वर्ष 2015 में उसके खिलाफ बहेड़ी थाने में 40 लाख रुपये की डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ था। उस पर कई अन्य गंभीर मुकदमे भी पंजीकृत हैं।
भुल्लर ने कहा, “सलीम जैसे तस्कर कानून की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलते रहते हैं। पुलिस अब उसके नेटवर्क में शामिल अन्य पैडलरों की तलाश कर रही है।”
बढ़ती चिंता और पुलिस की सक्रियता
स्थानीय नागरिकों में यह खबर फैलते ही चिंता का माहौल बन गया है। रुद्रपुर और आस-पास के इलाकों में युवाओं के बीच बढ़ते नशे की लत को लेकर पहले से ही कई सामाजिक संगठन जागरूकता अभियान चला रहे हैं। पुलिस का यह अभियान उनके लिए राहत की खबर है।
व्यापारियों और अभिभावकों ने भी इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की नियमित चेकिंग से नशे के कारोबार पर अंकुश लगेगा।
हालिया कार्रवाई से तुलना
पिछले छह महीनों में एसटीएफ उत्तराखंड ने करीब 25 किलो से अधिक नशे के पदार्थ बरामद किए हैं। यह कार्रवाई भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
रुद्रपुर, काशीपुर और हल्द्वानी जैसे इलाकों में पिछले एक वर्ष में नशे से संबंधित मामलों में 35% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
नशे के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
पुलिस अब सलीम और शेर मोहम्मद के नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
“नशे से मुक्ति अभियान” के तहत पुलिस जनता से भी अपील कर रही है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।
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