“गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवक उत्तराखंड रजत उत्सव में सक्रिय भागीदारी करते हुए”
हरिद्वार में आयोजित उत्तराखंड रजत जयंती समारोह में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय की एनएसएस इकाई ने उल्लेखनीय योगदान दिया। प्रो. मयंक अग्रवाल के नेतृत्व में रवाना हुए स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम में न केवल व्यवस्थाओं में सहयोग दिया बल्कि राज्य के विकास और लोक संस्कृति से भी रूबरू हुए।
उत्तराखंड रजत जयंती: 25 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव
उत्तराखंड राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए प्रदेशभर में उत्तराखंड रजत उत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर राज्य की उपलब्धियों, योजनाओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से हरिद्वार के रोड़ी बेलवाला में तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह का शुभारंभ किया और राज्य के विकास की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से राज्य निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सेवा, अनुशासन और समर्पण का उदाहरण
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय की एनएसएस इकाई ने कार्यक्रम में विशेष भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों के दल को संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि “एनएसएस सेवा की भावना का प्रतीक है, ऐसे आयोजनों में भाग लेकर युवा न केवल समाज से जुड़ते हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान भी देते हैं।”
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मयंक पोखरियाल ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन में स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के संचालन, अतिथियों के स्वागत और व्यवस्था संभालने में सहयोग किया।
संस्कृति और नवाचार का संगम
कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और नृत्य पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। साथ ही राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन प्रशिक्षण और स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी ने लोगों को नई जानकारी दी।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि डॉ. धर्मेंद्र बालियान के निर्देशन में छात्रों ने अनुशासित तरीके से सभी गतिविधियों में भाग लिया।
स्वयंसेवकों ने उत्तराखंड ज्ञान प्रतियोगिता और डिजिटल प्रदर्शनी का अवलोकन कर राज्य की प्रगति और तकनीकी पहलुओं को समझा।
विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. हेमलता कृष्णमूर्ति और कुलसचिव प्रो. विपुल शर्मा ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी छात्रों को बधाई दी।
राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. सुनैना रावत ने कहा कि “गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक अनुशासन और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उनकी भागीदारी से रजत उत्सव का आयोजन और भी भव्य बना।”
युवाओं में बढ़ी सेवा भावना और राज्य गौरव
इस आयोजन ने युवाओं में राज्य के विकास को लेकर नई ऊर्जा भरी है। हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों ने एनएसएस के कार्यों से प्रेरणा लेकर सामाजिक सेवा से जुड़ने का संकल्प लिया।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, रजत उत्सव के चलते हरिद्वार में भीड़ बढ़ी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिला।
उत्तराखंड के 25 वर्षों की उपलब्धियाँ और युवा शक्ति की भूमिका
उत्तराखंड राज्य ने दो दशकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। विशेषज्ञों के अनुसार, “अब राज्य को सतत विकास की दिशा में युवाओं की रचनात्मक शक्ति की जरूरत है।”
एनएसएस जैसे संगठनों की भागीदारी राज्य के विकास में युवाओं के नेतृत्व की मिसाल पेश करती है।हरिद्वार में आयोजित उत्तराखंड रजत उत्सव न केवल राज्य की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि युवाओं की जिम्मेदारी का भी प्रतीक बना। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि सेवा, अनुशासन और समर्पण से कोई भी आयोजन यादगार बनाया जा सकता है।
