गोपेश्वर में उक्रांद कार्यकर्ताओं द्वारा वीआईपी और सरकार का पुतला दहन
उक्रांद ने जलाया वीआईपी और प्रदेश सरकार का पुतला, सीबीआई जांच की मांग
चमोली । अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने शनिवार को गोपेश्वर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दल के कार्यकर्ताओं ने गोपेश्वर बस स्टैंड तिराहे पर एकत्र होकर कथित वीआईपी और प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया तथा नारेबाजी करते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद उक्रांद ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की अपील की।
गोपेश्वर में उमड़ा आक्रोश
शनिवार को दोपहर बाद उक्रांद के कार्यकर्ता गोपेश्वर बस स्टैंड तिराहे पर जुटे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने “अंकिता को न्याय दो”, “वीआईपी की जांच करो” जैसे नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि हत्याकांड में जिन कथित वीआईपी के नाम सामने आ रहे हैं, उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच के बिना न्याय संभव नहीं है।
सीबीआई जांच से पीछे क्यों सरकार?
प्रदर्शन के दौरान उक्रांद नेताओं ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार आखिर सीबीआई जांच से पीछे क्यों हट रही है। यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने में क्या आपत्ति है। नेताओं का आरोप था कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिशें जनविश्वास को कमजोर कर रही हैं।
ज्ञापन सौंपकर रखी मांगें
उक्रांद की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही, कथित वीआईपी की भूमिका की जांच कर दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग भी की गई।
नेताओं ने जताई चिंता
दल के केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं से जुड़ा है। महिला अध्यक्ष पुष्पा झिंक्वाण ने कहा कि यदि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में प्रभावशाली लोगों को संरक्षण मिलता रहा, तो न्याय व्यवस्था पर से भरोसा उठ जाएगा। जिला कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित और जिला महामंत्री सुबोध बिष्ट ने भी सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
नारेबाजी और पुतला दहन
प्रदर्शन के दौरान उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कथित वीआईपी और प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। नारेबाजी के बीच कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुतला दहन के बाद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप
उक्रांद नेताओं का कहना था कि सरकार जनभावनाओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। दल ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस प्रदर्शन में दीपक राणा, सौरभ बिष्ट, धर्मेंद्र फरस्वाण, दिगपाल बिष्ट, राहुल कठैत, सतेंद्र फर्स्वाण, रुचि, रिया, नीतू, मुस्कान, शिवांग सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में न्याय की मांग दोहराई और सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील की।
न्याय की मांग तेज
उक्रांद के इस प्रदर्शन से साफ है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में नाराजगी अभी भी बनी हुई है। सीबीआई जांच की मांग के साथ दल ने यह संकेत दिया है कि जब तक मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं होती, तब तक जनदबाव बढ़ता रहेगा। प्रदर्शन ने एक बार फिर सरकार के सामने जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करने की चुनौती खड़ी कर दी है।
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