पौड़ी कलक्ट्रेट गेट पर सरकार का पुतला जलाते यूकेडी कार्यकर्ता
पौड़ी कलक्ट्रेट गेट पर यूकेडी का प्रदर्शन, सरकार का पुतला फूंका
पौड़ी
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में उबाल देखने को मिला। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने इस बहुचर्चित मामले में कथित वीआईपी की भूमिका पर कार्रवाई, पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच और सामाजिक कार्यकर्ता उर्मिला सनावर की सुरक्षा की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पौड़ी में जोरदार प्रदर्शन किया।
मंगलवार को यूकेडी के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पौड़ी कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर प्रदेश सरकार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग दोहराई गई।
नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
यह प्रदर्शन यूकेडी की केंद्रीय महिला अध्यक्ष संतोष भंडारी और केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी के नेतृत्व में किया गया। पार्टी के जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक कलक्ट्रेट गेट पर एकत्र हुए और सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान “अंकिता को न्याय दो”, “वीआईपी पर कार्रवाई करो”, “सीबीआई जांच कराओ” जैसे नारे गूंजते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल गरमा गया।
सरकार पर गंभीर आरोप
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल तथाकथित वीआईपी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया के माध्यम से उस कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक किया है, इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया। यह सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।सुप्रीम कोर्ट में फिर जाएगी यूकेडी
आशुतोष नेगी ने यह भी ऐलान किया कि इस पूरे मामले को लेकर यूकेडी एक बार फिर सर्वोच्च न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी न्याय की इस लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
उनका कहना था कि अंकिता भंडारी जैसे मामलों में यदि सरकार गंभीर नहीं होती, तो जनता को ही आगे आकर सरकार के असली चेहरे को उजागर करना होगा।
उर्मिला सनावर की सुरक्षा का मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान यूकेडी नेताओं ने उर्मिला सनावर की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उर्मिला सनावर ने सच बोलने का साहस दिखाया है और ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।
यूकेडी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उर्मिला सनावर के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
सरकार की नीतियों पर हमला
यूकेडी के केंद्रीय महिला अध्यक्ष संतोष भंडारी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियां आम जनता के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े मामलों में प्रभावशाली लोगों को बचाने का काम कर रही है, जबकि आम लोगों को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें और सरकार की कथनी-करनी का अंतर जनता के सामने रखें।
प्रदर्शन में शामिल रहे ये नेता
इस दौरान यूकेडी के कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- अर्जुन नेगी (जिलाध्यक्ष)
- देवेश डोभाल
- बलवंत गुसाईं
- जेपी नैनवाल
- जवाहर लाल भट्ट
- लोकेश बहुगुणा
- सरस्वती देवी
आदि शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग की।
कलक्ट्रेट गेट पर भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कलक्ट्रेट गेट पर पुलिस बल तैनात किया था। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि नारेबाजी और पुतला दहन के चलते कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका।
जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया
यूकेडी के इस प्रदर्शन को लेकर स्थानीय जनता की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की दिशा में जरूरी कदम बताया, जबकि कुछ ने कहा कि सरकार को अब इस मामले में ठोस और पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर यूकेडी का यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि यह मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। वीआईपी कार्रवाई, सीबीआई जांच और उर्मिला सनावर की सुरक्षा जैसे सवालों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है।
आने वाले दिनों में यदि सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यूकेडी द्वारा आंदोलन को और तेज किए जाने की पूरी संभावना है। यह देखना अहम होगा कि सरकार इस बढ़ते दबाव के बीच क्या रुख अपनाती है।
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