सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का पांचवां स्थापना दिवस समारोह, अल्मोड़ा – उपलब्धियों और योजनाओं पर चर्चा"
स्थापना दिवस का विशेष आयोजन
अल्मोड़ा स्थित सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय ने बुधवार को प्रशासनिक भवन में अपना पांचवां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने की, जिसमें विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य, शिक्षाविद और पूर्व कुलपति शामिल हुए। इस मौके पर एक पत्रकार वार्ता भी आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय की अब तक की उपलब्धियों, प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
शैक्षणिक उपलब्धियां और नई पहल
कुलपति प्रो. बिष्ट ने बताया कि विश्वविद्यालय ने देश-विदेश के 15 प्रतिष्ठित शैक्षणिक और शोध संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किए हैं। यह पहल छात्रों को वैश्विक स्तर पर अवसर प्रदान करने के साथ-साथ शोध कार्यों को भी मजबूत बनाएगी।
विश्वविद्यालय में पहले ही कई नवीन केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जैसे:
- हैप्पीनेस सेंटर – छात्रों के मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए
- स्वामी विवेकानंद-महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ अध्ययन केंद्र – सांस्कृतिक और पर्यटन शिक्षा के लिए
- उद्यमिता विकास केंद्र – युवाओं में स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने राज्य सरकार को 40 से अधिक स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के संचालन का प्रस्ताव भेजा है। इनमें प्रमुख हैं:
- फोरेंसिक साइंस
- स्पिरिचुअल टूरिज्म एंड जर्नलिज्म
- हिमालय फोटोग्राफी
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- बायोटेक्नोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी
- फायर सेफ्टी और हॉस्पिटल मैनेजमेंट
- इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी, मिलिट्री साइंस, एनसीसी
इन पाठ्यक्रमों के शुरू होने से न केवल छात्रों को आधुनिक और जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
भविष्य की विकास योजनाएं
कुलपति ने बताया कि जल्द ही शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ-साथ कई संरचनात्मक सुधार भी किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- आईटी लैब का विस्तार
- छात्रावास निर्माण
- आधुनिक स्टेडियम का निर्माण
- हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स सेंटर की स्थापना
इन सुविधाओं से छात्रों को बेहतर शिक्षा और खेल प्रशिक्षण का वातावरण मिलेगा।
खेल, एनसीसी और एनएसएस में उपलब्धियां
विश्वविद्यालय के छात्र खेल, एनसीसी और एनएसएस गतिविधियों में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। यह दर्शाता है कि संस्था केवल अकादमिक ही नहीं, बल्कि समग्र विकास पर भी ध्यान देती है।
पूर्व कुलपति और वरिष्ठ शिक्षाविदों के विचार
पूर्व कुलपति प्रो. जगत सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय ने स्थापना के बाद से अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए निरंतर प्रगति की है। उन्होंने शुरुआती कठिनाइयों को याद करते हुए वर्तमान में भी सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।
पूर्व परीक्षा नियंत्रक और आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुशील कुमार जोशी ने संविदा शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के योगदान को सराहते हुए इनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता जताई।
सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकल्प
कुलपति प्रो. बिष्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय को देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। शासन स्तर पर पद सृजन की प्रक्रिया चल रही है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार सृजन भी संभव होगा।
समारोह में उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम का संचालन मीडिया प्रभारी डॉ. ललित चंद्र जोशी ने किया। इस मौके पर कला संकायाध्यक्ष प्रो. अरविंद सिंह अधिकारी, खेल प्रभारी लियाकत अली, विपिन चंद्र जोशी, गोविंद मेर, विनीत कांडपाल, नेहा पांडे, आलोक वर्मा, डॉ. खगेन्द्र खोलिया, डॉ. ममता जोशी, डॉ. बिष्ट, प्रेम सिंह समेत अनेक शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
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