शरदीय कांवड़ मेला 2026 की तैयारी को लेकर हरिद्वार पुलिस की बार्डर मीटिंग
हरिद्वार | संवाददाता
आगामी शरदीय कांवड़ मेला 2026 एवं महाशिवरात्रि पर्व को लेकर हरिद्वार पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। लाखों की संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
इसी क्रम में SSP हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देश पर थाना श्यामपुर क्षेत्र में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच एक महत्वपूर्ण बार्डर मीटिंग का आयोजन किया गया। यह बैठक 31 जनवरी 2026 को होटल पिनाका, थाना श्यामपुर में संपन्न हुई।
उत्तराखंड-यूपी पुलिस के बीच हुआ समन्वय

इस बार्डर मीटिंग में हरिद्वार जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर से भी पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य शरदीय कांवड़ मेला एवं महाशिवरात्रि के दौरान कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराना रहा।
पुलिस अधिकारियों ने आपसी समन्वय, सूचना आदान-प्रदान और संयुक्त रणनीति पर विस्तृत मंथन किया, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
इन वरिष्ठ अधिकारियों ने की बैठक में शिरकत
इस महत्वपूर्ण गोष्ठी में निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:
हरिद्वार जनपद से:
- एसपी सिटी, हरिद्वार
- सीओ सिटी, हरिद्वार
- ट्रैफिक इंस्पेक्टर, हरिद्वार
- थाना प्रभारी (एसओ) श्यामपुर
जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश) से:
- एसपी सिटी, बिजनौर
- सीओ नजीबाबाद
- एसएचओ मण्डावली
सभी अधिकारियों ने मिलकर कांवड़ यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों पर चर्चा की।
02 फरवरी से 15 फरवरी तक शरदीय कांवड़ मेला
पुलिस प्रशासन के अनुसार, शरदीय कांवड़ मेला दिनांक 02-02-2026 से 15-02-2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि पर्व भी मनाया जाएगा, जिस दिन हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होती है।
इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश SSP द्वारा पहले ही जारी कर दिए गए हैं।
बार्डर एरिया में सख्त चेकिंग के निर्देश
बार्डर मीटिंग में इस बात पर भी विशेष चर्चा की गई कि उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्रों पर प्रभावी चेकिंग सुनिश्चित की जाए। इसके लिए:
- सीमावर्ती चौकियों पर अतिरिक्त पुलिस बल
- संदिग्ध वाहनों की जांच
- असामाजिक तत्वों पर निगरानी
- ड्रोन एवं CCTV कैमरों के उपयोग पर विचार
जैसे बिंदुओं पर सहमति बनी।
पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तय
पुलिस अधिकारियों ने यह भी तय किया कि कांवड़ मेला अवधि के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अंतर्गत:
- स्थानीय पुलिस
- ट्रैफिक पुलिस
- पीएसी / अर्धसैनिक बल
- होमगार्ड व स्वयंसेवक
की मदद ली जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कांवड़ियों के सुरक्षित आवागमन पर विशेष जोर
बैठक में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देते हुए कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:
- कांवड़ मार्गों पर सुचारु यातायात व्यवस्था
- वैकल्पिक रूट प्लान
- भारी वाहनों के लिए प्रतिबंध
- आपात सेवाओं की निर्बाध आवाजाही
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान
हरिद्वार और बिजनौर पुलिस ने आपस में ट्रैफिक प्लान साझा किया, ताकि दोनों राज्यों की सीमाओं पर किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
थाना श्यामपुर में आयोजित यह बार्डर मीटिंग साफ तौर पर दर्शाती है कि हरिद्वार पुलिस शरदीय कांवड़ मेला 2026 को लेकर पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कांवड़ यात्रा एवं महाशिवरात्रि पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो। यह बैठक न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था की सुरक्षा का भी प्रतीक है।
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