“सेठपुर के ग्रामीण रुड़की कोतवाली में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे”
लक्सर में सेठपुर के युवक मनीष पर हुई फायरिंग के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। बुधवार को ग्रामीण कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने 48 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सेठपुर और खेड़ी कला के बीच पुरानी रंजिश
सेठपुर और खेड़ी कला गांव के बीच युवाओं की आपसी रंजिश कोई नई बात नहीं है। पिछले कई महीनों से दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी रहती है। छोटे-छोटे विवाद कई बार बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं, जिनमें मारपीट से लेकर फायरिंग जैसी घटनाएँ भी देखने को मिल चुकी हैं। यह क्षेत्र पहले भी कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा है।
15 नवंबर की शाम लक्सर में गोलियां चलीं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 नवंबर की शाम लक्सर क्षेत्र में सेठपुर निवासी मनीष पुत्र मैनपाल पर अचानक फायरिंग की गई। घटना में मनीष को दो गोलियां लगीं, जिसके चलते उसे गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद मनीष के पिता ने उज्जवल, आशु और काली के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इन युवकों का पहले भी कई विवादों में नाम सामने आ चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों की खुलेआम आवाजाही सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
कोतवाली में धरना: ग्रामीणों की नाराज़गी सड़क पर
ग्रामीणों का आरोप: पुलिस कार्रवाई में देरी
बुधवार सुबह से ही सेठपुर के बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतवाली रुड़की पहुँच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत दिए जाने के कई दिनों बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों का कहना था
पुलिस के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
धरने के दौरान कोतवाल मौके पर पहुँचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। कोतवाल के इस लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और धरना समाप्त कर दिया।
पुलिस का बयान
कोतवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया उन्होंने कहा कि पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उन्हें जल्द पकड़ा जाएगा। साथ ही, क्षेत्र में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
गांव में तनाव, सुरक्षा को लेकर चिंता
फायरिंग की इस घटना और गिरफ्तारी में देरी के कारण सेठपुर और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय लोग बाहर निकलने से डर रहे हैं। व्यापारियों ने भी बताया कि दुकानें पहले की तुलना में जल्दी बंद होने लगी हैं। स्कूलों में भी सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ी है। कई लोगों ने पुलिस से गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
क्षेत्र में बढ़ती फायरिंग और आपसी रंजिश के मामले
पिछले एक वर्ष में रुड़की क्षेत्र में आपसी रंजिश और फायरिंग की कई घटनाएँ सामने आई हैं। जिले के अपराध आंकड़ों के अनुसार ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
मनीष पर फायरिंग और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी को लेकर सेठपुर के ग्रामीणों का आक्रोश साफ झलकता है। कोतवाली में धरना देकर उन्होंने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस 48 घंटे की समयसीमा में कितनी प्रभावी कार्रवाई करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए क्षेत्र में स्थाई समाधान और सख्त निगरानी की आवश्यकता है।
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