“रुड़की के मारवाड़ कन्या इंटर कॉलेज में छात्रों को नशे और साइबर ठगी के प्रति जागरूक करती पुलिस”
रुड़की
समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और तेजी से फैल रहे साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कोतवाली रुड़की पुलिस द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। दिनांक 06 जनवरी 2026 को थाना क्षेत्र अंतर्गत मारवाड़ कन्या इंटर कॉलेज, छावनी रुड़की में पुलिस पाठशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव, नए कानूनों, महिला एवं बाल अपराधों तथा वर्तमान समय में हो रही साइबर ठगी और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस पाठशाला के माध्यम से जागरूकता अभियान
कोतवाली रुड़की पुलिस द्वारा आयोजित इस पुलिस पाठशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सामाजिक बुराइयों से अवगत कराना और उन्हें सुरक्षित भविष्य के लिए सजग बनाना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें बताया कि किस प्रकार नशा और साइबर अपराध युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं।
नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने नशे से होने वाली घातक बीमारियों और इसके सामाजिक दुष्परिणामों पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि नशा न केवल शरीर को कमजोर करता है, बल्कि मानसिक संतुलन को भी बिगाड़ देता है। नशे की लत के कारण कई युवा अपराध की राह पर चल पड़ते हैं, जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो जाता है।
छात्र-छात्राओं को समझाया गया कि नशे से दूर रहकर ही एक स्वस्थ और सफल जीवन की कल्पना की जा सकती है। पुलिस ने यह भी बताया कि नशे के कारण परिवारों में तनाव, आर्थिक समस्याएं और सामाजिक अपराध बढ़ते हैं।
समाज में जागरूकता फैलाने की अपील

पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे केवल स्वयं ही नशे से दूर न रहें, बल्कि अपने-अपने परिवारजनों, गांव व मोहल्ले के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें। विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि युवा वर्ग जागरूक होगा, तो समाज स्वतः ही नशा मुक्त दिशा में आगे बढ़ेगा।
नए कानूनों की दी जानकारी
पुलिस पाठशाला में छात्र-छात्राओं को नए आपराधिक कानूनों के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि कानून में हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
महिला अपराध और बाल अपराध पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान महिला अपराध और बाल अपराध से संबंधित कानूनों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी और बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में वे बिना डर के पुलिस से संपर्क करें।
बाल अपराधों के संबंध में भी जानकारी देते हुए बताया गया कि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के खिलाफ कानून बेहद सख्त है और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाती है।
साइबर ठगी और साइबर अपराध पर विशेष सत्र

वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रही साइबर ठगी और साइबर अपराध पुलिस पाठशाला का प्रमुख विषय रहा। पुलिस ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों जैसे—
- फर्जी कॉल और मैसेज
- ओटीपी और बैंक फ्रॉड
- फर्जी लिंक और फिशिंग
- सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग
- ऑनलाइन खरीदारी में ठगी
के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अनजान कॉल पर अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
साइबर ठगी से बचाव के उपाय
छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए, जिनमें—
- ओटीपी किसी को न बताना
- मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करना
- सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करना
- किसी भी ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करना
शामिल रहे।
परिचितों तक जानकारी पहुंचाने का संदेश
पुलिस ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया कि वे इस जागरूकता संदेश को अपने दोस्तों, परिवार और परिचितों तक पहुंचाएं। इससे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है।
पुलिस-जन सहयोग से बनेगा सुरक्षित समाज
कोतवाली रुड़की पुलिस का कहना है कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना भी है। पुलिस ने विश्वास जताया कि छात्र-छात्राएं भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान देंगे।
आगे भी जारी रहेंगे ऐसे कार्यक्रम
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की पुलिस पाठशालाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि नशा मुक्त और साइबर अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।
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