रुड़की पुलिस द्वारा रात में वाहन चेकिंग के दौरान कार से गोवंशीय पशु बरामद करते हुए दृश्य।
रिपोर्ट जतिन
हरिद्वार जिले की कोतवाली रुड़की पुलिस ने सोमवार रात वाहन चेकिंग के दौरान एक कार से दो गोवंशीय पशु बरामद किए। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी चालक मौके से फरार हो गया।
लगातार बढ़ रहे गोवंश तस्करी के मामले
उत्तराखंड के कई जिलों में पिछले कुछ महीनों से गोवंशीय पशुओं की अवैध तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। सरकार और प्रशासन सख्त कानूनों के बावजूद इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। हरिद्वार पुलिस द्वारा भी समय-समय पर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं, ताकि ऐसे मामलों पर अंकुश लगाया जा सके।
मलकपुर चुंगी के पास पकड़ी गई संदिग्ध कार
दिनांक 10 नवंबर 2025 की रात को कोतवाली रुड़की पुलिस ने प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में वाहन चेकिंग अभियान चलाया। यह अभियान मलकपुर चुंगी क्षेत्र में चल रहा था।
चेकिंग के दौरान वाहन संख्या UK08 AN 4984 की कार को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने चेकिंग देखते ही वाहन को A टू Z के पास छोड़कर मौके से फरार हो गया।
जब पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन की तलाशी ली, तो कार के अंदर दो गोवंशीय पशु बरामद हुए। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस का बयान और कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि वाहन चालक और मालिक के खिलाफ कोतवाली रुड़की में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
“घटना की जानकारी के बाद वाहन स्वामी और चालक की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।” — पुलिस प्रवक्ता, हरिद्वार पुलिस
पुलिस टीम में एसआई ध्वजवीर सिंह पंवार, कांस्टेबल रणबीर, कांस्टेबल अनिल शर्मा, और कांस्टेबल प्रदीप डंगवाल शामिल रहे। टीम ने मौके पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर लिया।
ग्रामीणों में चर्चा और सतर्कता बढ़ी
इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में ग्रामीणों में चर्चा का विषय बन गई है। लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की और उम्मीद जताई कि ऐसे अभियानों से गोवंश तस्करी पर अंकुश लगेगा।
स्थानीय पशुपालक संगठनों ने भी प्रशासन से मांग की है कि वाहन चेकिंग और निगरानी अभियान को और सख्त किया जाए ताकि इस तरह के अपराधों पर रोक लग सके।
पिछले मामलों की झलक
पिछले वर्ष भी रुड़की और लक्सर क्षेत्र में इसी तरह के कई मामलों में पुलिस ने गोवंशीय पशुओं को बरामद किया था।
2024 में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार जिले में कुल 12 से अधिक गोवंश तस्करी के मामले सामने आए थे, जिनमें से अधिकांश में वाहन चालकों ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश की थी।
वर्तमान मामले से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस की सख्ती के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व अभी भी सक्रिय हैं।
सख्त निगरानी की ज़रूरत
रुड़की पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित रूप से सराहनीय है। इससे यह संदेश जाता है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने जिस तत्परता से कार्रवाई की, वह अन्य थाना क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वाहन या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे
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