रुड़की पुलिस टीम द्वारा रात में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए गश्त करते जवान
रुड़की के नगला इमरती क्षेत्र में रात के समय सड़क पर झगड़ा कर रहे दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में दोनों के खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस (BNSS) के तहत चालान किया गया। पुलिस की सतर्क गश्त से संभावित उपद्रव को समय रहते टाल दिया गया।
हरिद्वार जनपद का रुड़की क्षेत्र लंबे समय से पुलिस की विशेष निगरानी में रहता है, खासकर सप्ताहांत या त्योहारों के दौरान जब सड़कों पर भीड़ बढ़ जाती है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाली रुड़की पुलिस की गश्त टीमें रात-दिन सक्रिय रहती हैं। हाल के महीनों में क्षेत्र में कई बार नशे में झगड़ा, हुड़दंग और सार्वजनिक स्थानों पर विवाद जैसी घटनाएँ सामने आई हैं, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं।
कहाँ, कब और कैसे हुई घटना?
दिनांक 12 अक्टूबर 2025 की रात को नगला इमरती क्षेत्र में पुलिस गश्त पार्टी को दो युवक सड़क के बीचोंबीच आपस में झगड़ते मिले। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, तो दोनों युवक मानने को तैयार नहीं हुए।
स्थिति बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने मौके पर हस्तक्षेप किया और दोनों को शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में हिरासत में ले लिया।
कोतवाली रुड़की पुलिस के अनुसार, “रात्रि गश्त के दौरान नगला इमरती क्षेत्र में दो व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थान पर लड़ाई करते पाया गया। जनता की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की गई।”
इस कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी:
- कांस्टेबल गोविंद तोमर
- होमगार्ड प्रमोद
दोनों जवानों ने मौके की नाजुक स्थिति को संभालते हुए झगड़ा रोकने और शांति बहाल करने में अहम भूमिका निभाई।
पिछले तीन महीनों में रुड़की कोतवाली क्षेत्र में [DATA_REQUIRED] बार शांति भंग की घटनाएँ दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, BNSS की धारा 170 का उपयोग मुख्य रूप से सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाले विवादों में किया जाता है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि रुड़की पुलिस अब मामूली विवादों में भी सख्ती से पेश आ रही है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की। देर रात झगड़े से क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना था, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हो गई।
नगला इमरती और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
