हरिद्वार में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के साथ एक दिन की डीएम बनी बालिकाएँ।
हरिद्वार जनपद में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर रिलैक्सो संस्था ने परिवर्तन आदर्श विद्यालय परियोजना के तहत एक अभिनव कार्यक्रम आयोजित किया। इस विशेष आयोजन में पाँच बालिकाओं को एक दिन के लिए “जिलाधिकारी हरिद्वार” बनने का अवसर मिला, जहाँ उन्होंने जनसुनवाई में भाग लेकर नागरिकों की समस्याएँ सुनीं और अपने सुझाव दिए।
हर वर्ष 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child) के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।
रिलैक्सो संस्था बीते कई वर्षों से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत है। “परिवर्तन आदर्श विद्यालय परियोजना” इसी दिशा में संस्था की एक प्रमुख पहल है, जिसके माध्यम से हरिद्वार जनपद के 128 विद्यालयों में बालिकाओं की शिक्षा और आत्मविश्वास को मजबूत करने पर कार्य किया जा रहा है।
कब और कहाँ हुआ आयोजन
लक्सर (हरिद्वार) में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की उपस्थिति में पाँच बालिकाओं को एक दिन के लिए “जिलाधिकारी हरिद्वार” बनाया गया। ये बालिकाएँ विभिन्न विद्यालयों से चयनित की गईं —
- कु. शीतल (कक्षा 8) – जसरा उमावि ऐथल, लक्सर
- कु. तनीशा (कक्षा 8) – रा.उ.प्रा.वि. बुक्कनपुर, लक्सर
- कु. ईशा (कक्षा 12) – नेशनल इंटर कॉलेज, खानपुर
- कु. तमन्ना (कक्षा 9) – रा.उ.मा.वि. अकबरपुर उर्दू
- कु. अंशिका (कक्षा 12) – औराईका मुण्डाखेड़ा कला
इन बालिकाओं ने जनसुनवाई सत्र में भाग लेकर जनता की समस्याएँ सुनीं और समाधान के सुझाव जिलाधिकारी को प्रस्तुत किए।
अनुभव साझा
एक दिन की “डीएम” बनी बालिकाओं ने मयूर दीक्षित के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का यादगार क्षण है। उन्होंने वादा किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बालिका शिक्षा और लैंगिक समानता के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने रिलैक्सो की इस पहल की सराहना करते हुए कहा –
“यह एक प्रेरणादायक प्रयास है, जो बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों की समझ भी देता है। ऐसे कार्यक्रमों को हर जिले में प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।”
रिलैक्सो के सीएसआर प्रमुख गम्भीर अग्रवाल ने कहा –
“हमारा उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा और समान अवसर प्रदान करना है। जब एक बालिका शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है।”
यह आयोजन न केवल बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना बल्कि स्थानीय प्रशासन और अभिभावकों के लिए भी संदेश लेकर आया कि शिक्षा के माध्यम से बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।
रिलैक्सो द्वारा आयोजित जागरूकता रैली में दर्जनों विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। लक्सर बाजार और तहसील परिसर में बालिकाओं को “एक दिन की तहसीलदार” भी बनाया गया, जिससे उन्हें स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त हुआ।
हरिद्वार जिले में बीते तीन वर्षों में बालिका शिक्षा का प्रतिशत [DATA_REQUIRED] बढ़ा है।
सरकारी और निजी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से अब ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाएँ भी उच्च शिक्षा और सरकारी सेवाओं में आगे बढ़ रही हैं।
इस तरह के अभियान ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को जमीनी स्तर पर मज़बूती देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
रिलैक्सो संस्था का यह अभिनव अभियान न केवल बालिकाओं को नेतृत्व का अनुभव प्रदान करता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि हर बालिका में नेतृत्व क्षमता और परिवर्तन की ताकत निहित है।
ऐसे कार्यक्रम शिक्षा, आत्मविश्वास और समानता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रहे हैं।
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