मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुनस्यारी में जनता और आईटीबीपी जवानों से आत्मीय मुलाकात करते हुए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को मुनस्यारी पहुंचे, जहाँ उन्होंने जनता, जनप्रतिनिधियों और आईटीबीपी जवानों से आत्मीय संवाद किया। अपने दौरे में उन्होंने विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि “जनसेवा और सीमाओं की सुरक्षा ही उत्तराखंड की असली पहचान है।”
मुनस्यारी उत्तराखंड का एक रणनीतिक और सीमांत क्षेत्र है, जो न केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है बल्कि देश की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाता है। यह इलाका चीन सीमा से सटा हुआ है और यहाँ आईटीबीपी (Indo-Tibetan Border Police) की बटालियनें तैनात हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह दौरा राज्य स्थापना दिवस से पहले सीमांत इलाकों के विकास कार्यों की समीक्षा और स्थानीय जनता से संवाद के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी विकासखंड मुनस्यारी के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (जी.जी.आई.सी.) स्थित हेलीपैड पर पहुँचे, जहाँ जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
पुलिस बल द्वारा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने भारी संख्या में उपस्थित नागरिकों — विशेषकर महिलाओं और युवाओं — का अभिवादन स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि “हर अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचे और सीमांत क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जाए।”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा,
“जनसेवा और सीमाओं की सुरक्षा — यही उत्तराखंड की पहचान है। सीमांत इलाकों में रह रहे हमारे लोग देश की आँख और ढाल हैं। राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रशासनिक अधिकारी सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचे और फाइलों में न अटके।
मुख्यमंत्री के इस दौरे से मुनस्यारी में उत्साह का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने इसे “सरकार की संवेदनशीलता और जनसंपर्क का प्रतीक” बताया।
व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि इस दौरे के बाद सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं में नई गति आएगी।
युवा वर्ग ने मुख्यमंत्री से रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने की मांग भी रखी।
मुख्यमंत्री धामी ने आईटीबीपी की 14वीं बटालियन, मुनस्यारी पोस्ट का भ्रमण किया।
यहाँ जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
उन्होंने जवानों से मुलाकात कर कहा —
“आपके त्याग, अनुशासन और समर्पण से ही देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं। राज्य सरकार सदैव आपके साथ खड़ी है।”
मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी अधिकारियों और जवानों को शुभकामनाएं दीं तथा आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने का आश्वासन दिया।
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिकारियों से मुलाकात की।
उन्होंने विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि
“जनहित के कार्यों में तेजी लाएँ और क्षेत्र की आधारभूत जरूरतों को प्राथमिकता दें।”
सीएम ने पुराने कॉलेज मित्रों से भी मुलाकात की, उनके साथ पुरानी यादें साझा कीं और स्मृति स्वरूप सेल्फी लीं।
राज्य सरकार की ओर से हाल के वर्षों में सीमांत जिलों — पिथौरागढ़, चंपावत, धारचूला और मुनस्यारी — में सड़क, हेलिपैड और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं।
धामी सरकार ने सीमांत क्षेत्र विकास योजना (BADP) के तहत 2023–24 में 120 से अधिक कार्य पूरे किए थे।
इस बार मुख्यमंत्री के दौरे से इन योजनाओं में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी का मुनस्यारी दौरा न केवल जनसंपर्क का प्रतीक रहा, बल्कि यह सीमांत इलाकों के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि इस संवाद के बाद क्षेत्र में न केवल विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि सीमाओं की सुरक्षा और जनसेवा दोनों ही मोर्चों पर राज्य नई मिसाल कायम करेगा।
यह भी पढ़ें–गौरव का स्वर्णिम अध्या उत्तराखंड की रजत जयंती पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री करेंगे शिरकत…
