“परीक्षा पर चर्चा 2026 में शामिल उत्तराखंड के छात्र”
देहरादून। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा पर चर्चा अब केवल एक वार्षिक संवाद कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को जोड़ने वाला एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित परीक्षा पर चर्चा 2026 का नौवां संस्करण छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और परीक्षा के दबाव से मुक्त रहने की दिशा में एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन की यात्रा का केवल एक पड़ाव है, न कि जीवन का अंतिम लक्ष्य। उन्होंने छात्रों से आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा का सामना करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री का संदेश विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश छात्रों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। प्रधानमंत्री ने हमेशा यह समझाने का प्रयास किया है कि परीक्षा केवल ज्ञान के मूल्यांकन का माध्यम है, न कि किसी की क्षमता या भविष्य का अंतिम निर्णय। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दृष्टिकोण छात्रों को भयमुक्त वातावरण में सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, जिससे वे अपनी रुचियों और क्षमताओं को पहचान सकें।
स्कूली जीवन अमूल्य, दोबारा नहीं लौटता
मुख्यमंत्री ने अपने स्कूली जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्कूल का समय जीवन का सबसे अमूल्य काल होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता। इस दौरान मिली सीख, मित्रता और अनुभव जीवनभर साथ रहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल पुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि खेल, कला, संगीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लें। इससे उनका सर्वांगीण विकास होता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
परीक्षा एक योद्धा की तरह लड़ने का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा को डर या बोझ की तरह नहीं, बल्कि एक अवसर की तरह लेना चाहिए। परीक्षा वह मंच है, जहां छात्र एक योद्धा की तरह पूरे आत्मविश्वास, संयम और शांति के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना ही काबिलियत का प्रमाण नहीं है। जीवन में सफलता के अनेक रास्ते होते हैं और हर विद्यार्थी की अपनी अलग क्षमता और दिशा होती है।
लक्ष्य तय कर प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ें
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन के लक्ष्य स्पष्ट करें और प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जब लक्ष्य स्पष्ट होते हैं, तो परीक्षा का तनाव स्वतः कम हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
अभिभावकों से विशेष अपील
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें। उन्होंने कहा कि बच्चों की तुलना दूसरों से करना उनके आत्मविश्वास को कमजोर करता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की रुचियों और क्षमताओं को समझें, उनका सहयोग करें और उन्हें भावनात्मक संबल दें। एक सहयोगी और समझदार परिवार ही बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बना सकता है।
अभिभावकों से विशेष अपील
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें। उन्होंने कहा कि बच्चों की तुलना दूसरों से करना उनके आत्मविश्वास को कमजोर करता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की रुचियों और क्षमताओं को समझें, उनका सहयोग करें और उन्हें भावनात्मक संबल दें। एक सहयोगी और समझदार परिवार ही बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बना सकता है।
उत्तराखंड की उल्लेखनीय भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड राज्य से इस वर्ष लगभग 7 लाख विद्यार्थी, 53 हजार से अधिक शिक्षक और 14 हजार से अधिक अभिभावक परीक्षा पर चर्चा 2026 से जुड़े हैं। जबकि गत वर्ष यह संख्या केवल 2 लाख 98 हजार विद्यार्थियों तक सीमित थी।
यह बढ़ी हुई भागीदारी दर्शाती है कि राज्य में शिक्षा और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
रुद्रप्रयाग के छात्र का राष्ट्रीय स्तर पर चयन
उत्तराखंड के लिए गर्व की बात यह है कि राज्य के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक वीडियो का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। यह वीडियो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाला कुराली, विकासखंड जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा द्वारा तैयार किया गया है।
रोहन सिंह राणा को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दिल्ली आमंत्रित किया गया है, जो न केवल उनके विद्यालय बल्कि पूरे प्रदेश के लिए सम्मान की बात है।
शिक्षा अधिकारियों और छात्रों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर कार्यक्रम में महानिदेशक शिक्षा सुश्री दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और प्रेरणा के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
परीक्षा पर चर्चा 2026 यह स्पष्ट संदेश देती है कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का एक पड़ाव है। मुख्यमंत्री का यह संदेश छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक है। यह कार्यक्रम न केवल परीक्षा के तनाव को कम करने में सहायक है, बल्कि छात्रों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा भी देता है।
