लक्सर में एचएमएच पैरामेडिकल कॉलेज का स्वच्छता अभियान
लक्सर (फरमान खान)।
स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए एचएमएच पैरामेडिकल कॉलेज, लक्सर द्वारा बुधवार को एक भव्य और प्रभावशाली स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई कर स्वच्छ भारत मिशन के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया।
कोतवाली मोड़, सेठपुर क्षेत्र और आसपास के मुख्य बाजारों में जब सैकड़ों की संख्या में पैरामेडिकल छात्र हाथों में झाड़ू, कूड़ा उठाने वाले बैग और प्लास्टिक कलेक्शन ड्रम लेकर सड़कों पर उतरे, तो पूरा माहौल स्वच्छता के रंग में रंग गया।
सड़कों से नालियों तक चला सफाई अभियान
अभियान के दौरान छात्रों ने सड़कों के किनारे फैले कचरे, नालियों में जमी गंदगी और सार्वजनिक स्थानों पर पड़े प्लास्टिक कचरे को साफ किया। यह दृश्य स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ। कई राहगीर और दुकानदार भी स्वयं आगे आकर छात्रों के साथ सफाई में जुट गए।
छात्रों ने केवल सफाई तक ही सीमित न रहते हुए जागरूकता अभियान भी चलाया। उन्होंने लोगों को समझाया कि गंदगी केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर किया जागरूक
स्वच्छता अभियान के दौरान प्लास्टिक प्रदूषण पर विशेष फोकस किया गया। छात्रों ने दुकानदारों और आम नागरिकों से अपील की कि वे सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करें और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाएँ।
छात्रों ने लोगों को यह भी बताया कि प्लास्टिक नालियों को जाम कर देता है, जिससे जलभराव और बीमारियों का खतरा बढ़ता है। साथ ही, उन्होंने कूड़े को गीला-सूखा अलग-अलग रखने के महत्व पर भी जोर दिया।
छात्रों ने ली प्लास्टिक-मुक्त भारत की शपथ
अभियान के दौरान एचएमएच पैरामेडिकल कॉलेज के छात्रों ने प्लास्टिक मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की शपथ ली। छात्रों का कहना था कि वे न केवल स्वयं स्वच्छता अपनाएंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
एक छात्र ने कहा,
“हम स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हैं। अगर हम ही स्वच्छता को नहीं अपनाएंगे, तो समाज से इसकी उम्मीद कैसे कर सकते हैं?”
कॉलेज निदेशक मो. यूसुफ का संदेश
कॉलेज के निदेशक मो. यूसुफ ने अभियान के दौरान छात्रों और स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा—
“हम पैरामेडिकल शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी समझते हैं। स्वच्छता ही स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है। हमारे छात्र भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं देंगे, इसलिए उनका यह कर्तव्य है कि वे समाज में स्वच्छता का संदेश फैलाएं। आज का यह अभियान उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।”
उन्होंने यह भी कहा कि एचएमएच पैरामेडिकल कॉलेज आने वाले समय में ऐसे सामाजिक अभियानों को और अधिक व्यापक स्तर पर चलाएगा।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
अभियान को लेकर स्थानीय नागरिकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने छात्रों की इस पहल की खुले दिल से सराहना की। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने कहा कि अगर युवा इसी तरह आगे आएं, तो शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
एक स्थानीय निवासी ने कहा,
“आज के समय में युवा मोबाइल और सोशल मीडिया में उलझे रहते हैं, लेकिन इन छात्रों ने समाज के लिए जो किया है, वह वाकई काबिले-तारीफ है।”
नगरपालिका व तहसील कर्मचारियों का सहयोग
इस स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में नगरपालिका और तहसील कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कर्मचारियों ने सफाई व्यवस्था, कचरा उठान और मार्गदर्शन में कॉलेज टीम का पूरा सहयोग किया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस तरह की पहलों को शहर के लिए बेहद जरूरी बताया और भविष्य में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
हर महीने चलाया जाएगा अभियान
कॉलेज प्रबंधन ने घोषणा की कि यह स्वच्छता अभियान अब केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। एचएमएच पैरामेडिकल कॉलेज द्वारा इसे हर महीने नियमित रूप से चलाया जाएगा, ताकि लक्सर को एक मॉडल स्वच्छ शहर बनाने में निरंतर योगदान दिया जा सके।
यह निर्णय छात्रों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए उत्साहजनक साबित हुआ।
पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण
एचएमएच पैरामेडिकल कॉलेज की यह पहल न केवल स्वच्छता, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और युवाओं में नेतृत्व क्षमता के विकास का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब शैक्षणिक संस्थान इस तरह सामाजिक अभियानों में आगे आते हैं, तो समाज पर उसका गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
स्वच्छता ही सेवा है – एचएमएच कॉलेज ने किया साबित
स्वच्छ भारत मिशन की भावना को आत्मसात करते हुए एचएमएच पैरामेडिकल कॉलेज ने यह सिद्ध कर दिया कि
“स्वच्छता ही सेवा है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवनशैली होनी चाहिए। कॉलेज की यह पहल आने वाले समय में अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
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