कोतवाली ज्वालापुर हत्याकांड का खुलासा करती हरिद्वार पुलिस
रिपोर्ट जतिन
हरिद्वार पुलिस का सफल खुलासा, आरोपी सलाखों के पीछे
हरिद्वार के कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दोस्ती, भरोसे और साझेदारी का अंत बेरहमी से हत्या में हुआ। महज डेढ़ लाख रुपये के कर्ज से बचने के लिए एक युवक ने अपने ही पुराने दोस्त को नशे की हेवी डोज देकर मौत के घाट उतार दिया। पहले युवक की गुमशुदगी दर्ज हुई और कुछ ही दिनों बाद उसका शव झाड़ियों में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
गुमशुदगी से हत्या तक का सफर
दिनांक 27 दिसंबर 2025 को वैशाली देवी पत्नी दीपक भदौरिया, निवासी हरिपुर कला शांति मार्ग, थाना रायवाला देहरादून ने अपने 25 वर्षीय पुत्र सहजल उर्फ साहिल भदौरिया की गुमशुदगी को लेकर कोतवाली ज्वालापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया गया कि सहजल 24 दिसंबर को घर से अपने दोस्त के साथ लाल पुल ज्वालापुर आया था, जिसके बाद वह लापता हो गया।
तीन दिन बाद, 30 दिसंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि गुमशुदा युवक का शव लाल पुल ज्वालापुर के पास झाड़ियों में पड़ा हुआ है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया, पंचायतनामा भरते हुए पोस्टमार्टम कराया।
हत्या में तब्दील हुआ गुमशुदगी का मामला
शव मिलने के बाद परिजनों ने सहजल की हत्या उसके दोस्त द्वारा किए जाने की आशंका जताई। तहरीर के आधार पर गुमशुदगी के मुकदमे को हत्या में तरमीम करते हुए मु0अ0सं0-764/2025 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उप निरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार को सौंपी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए।
आरोपी गिरफ्तार, कबूलनामा बना सबसे बड़ा सबूत
पुलिस टीम ने 2 जनवरी 2026 को आर्य गिरी पुत्र विनोद गिरी, निवासी दुर्गा घाट श्मशान घाट रोड, खड़खड़ी, कोतवाली नगर हरिद्वार को पुराना रानीपुर मोड़ रेलवे अंडरपास से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह और सहजल बचपन के दोस्त थे और पहले कपड़ों के व्यापार में साझेदारी भी कर चुके थे। दोनों नशे के आदी हो चुके थे और इंजेक्शन के जरिए एविल और स्मैक का सेवन करते थे। आरोपी पर सहजल के डेढ़ लाख रुपये बकाया थे, जिसे चुकाने से बचने के लिए उसने साजिश रची।
आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने एविल और स्मैक को मिलाकर एक हेवी डोज तैयार की, पहले खुद थोड़ी मात्रा ली और बाकी पूरी डोज सहजल को लगा दी। उसे पता था कि इतनी अधिक मात्रा जानलेवा साबित होगी। नशे के प्रभाव में सहजल झाड़ियों में गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
डर और झूठ की परतें
घटना के बाद आरोपी सहजल की स्कूटी लेकर घर चला गया। जब मृतक की मां और अन्य लोग उसके घर पूछताछ करने पहुंचे तो उसने डर के कारण सच्चाई छिपाई और केवल स्कूटी की चाबी लौटा दी। यहां तक कि पुलिस पूछताछ में भी उसने झूठ बोलकर खुद को निर्दोष बताने की कोशिश की।
बरामदगी और पुलिस कार्रवाई
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से नशे में प्रयुक्त सामग्री बरामद की, जिसमें एक खाली एविल 10ml इंजेक्शन, दो खाली सिरिंज और दो प्लास्टिक रेपर शामिल हैं। आरोपी को मेडिकल परीक्षण के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
समाज के लिए चेतावनी
यह हत्याकांड न केवल दोस्ती के रिश्ते को शर्मसार करता है, बल्कि नशे की लत और पैसों के लालच के खतरनाक परिणामों की भी भयावह तस्वीर पेश करता है। हरिद्वार पुलिस के इस सफल खुलासे ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराध चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।
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