कोटद्वार पुलिस द्वारा शेयर ट्रेडिंग ठगी के आरोपी को गिरफ्तार करते हुए
कोटद्वार
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के कोटद्वार क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 9.57 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी को कोटद्वार पुलिस ने गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में की गई, जिसे साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई ठगी की कहानी
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला 2 अक्तूबर को सामने आया, जब कोटद्वार की स्थानीय निवासी पूनम देवी ने कोतवाली में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क कर उन्हें शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया।
आरोपी ने महिला को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा, जहां शेयर मार्केट में निवेश से जुड़ी आकर्षक जानकारियां और मुनाफे के झूठे स्क्रीनशॉट साझा किए जाते थे। इन सब बातों से प्रभावित होकर महिला ने धीरे-धीरे निवेश करना शुरू किया।
9.57 लाख रुपये का कराया गया निवेश
व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साइबर ठगों ने महिला से अलग-अलग किश्तों में कुल 9.57 लाख रुपये शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर जमा करवा लिए। शुरुआत में मुनाफे का झूठा भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में न तो कोई लाभ मिला और न ही जमा की गई रकम वापस की गई।
जब महिला ने लगातार संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपी ने कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ।
कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़िता की तहरीर के आधार पर कोटद्वार कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। मामला साइबर अपराध से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन किया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह और क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में आगे बढ़ाई गई। वहीं, प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह तनवार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी और फील्ड स्तर पर जांच शुरू की।
सर्विलांस और बैंक डिटेल से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस टीम ने साइबर सर्विलांस, बैंक खातों की जांच और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर साक्ष्य जुटाए। बैंक डिटेल खंगालने के दौरान सामने आया कि ठगी की रकम जिन खातों में ट्रांसफर हुई, वे उत्तर प्रदेश और दिल्ली से जुड़े हुए हैं।
लगातार तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
गाजियाबाद से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने 36 वर्षीय इस्तियाक पुत्र दिन मोहम्मद को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से सादुल्लाबाद, अलवीनगर, लोनी देहात, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। वर्तमान में वह शिव विहार, मदिना मस्जिद गली नंबर-14, थाना करावल नगर, पूर्वी दिल्ली में रह रहा था।
कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को कोटद्वार लाई और आवश्यक पूछताछ की। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अन्य ठगी मामलों की जांच भी शुरू
पुलिस को आशंका है कि आरोपी का नेटवर्क अन्य राज्यों में भी सक्रिय हो सकता है। इसलिए उसके बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं आरोपी ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी तो नहीं की।
साइबर ठगी को लेकर पुलिस की अपील
कोटद्वार पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर शेयर ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर दिए जा रहे लुभावने ऑफर्स से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति या व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से निवेश करने से पहले पूरी जानकारी और सत्यापन अवश्य करें।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठग अक्सर इंस्टाग्राम, फेसबुक और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाते हैं। वे फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी रकम हड़प लेते हैं।
कोटद्वार पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि साइबर अपराधी चाहे जितने भी शातिर क्यों न हों, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते। यह गिरफ्तारी न केवल पीड़िता के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि साइबर ठगों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि ऑनलाइन ठगी करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
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