: खानपुर थाना परिसर में पुलिस और नागरिकों की बैठक, जिसमें त्योहारों से पहले सुरक्षा व अपराध रोकथाम पर चर्चा की जा रही है।
त्योहारों के नजदीक आते ही हरिद्वार पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में खानपुर थाना पुलिस ने C.L.G. (कम्युनिटी लाइज़न ग्रुप) सदस्यों और क्षेत्रीय नागरिकों के साथ बैठक कर नशा, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों पर चर्चा की।
पृष्ठभूमि
हर वर्ष दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर जिले में भीड़ और गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं। इस दौरान अपराध की संभावनाएँ भी अधिक हो जाती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर सामूहिक जागरूकता अभियान चलाया जाता है। खानपुर थाना पुलिस की यह बैठक भी उसी क्रम का हिस्सा थी।

घटना का विवरण
खानपुर थाना परिसर में आयोजित इस बैठक में क्षेत्राधिकारी लक्सर और थानाध्यक्ष खानपुर मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य था:
- नागरिकों को जागरूक करना
- उनकी समस्याएँ सुनना और सुझाव लेना
- अपराध रोकथाम के लिए आपसी सहयोग सुनिश्चित करना
पुलिस ने नागरिकों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी, जिनमें शामिल हैं:
- उत्तराखंड पुलिस एप का सही उपयोग
- यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता
- साइबर अपराध और उससे बचाव के उपाय
- महिला सुरक्षा व मानव तस्करी रोकथाम
- आपातकालीन नंबर 112 और साइबर हेल्पलाइन 1930 का महत्व
- सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव
- नशे से जुड़ी चुनौतियाँ और बैंक/एटीएम फ्रॉड से बचाव
आधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि—
“नशे और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और नागरिकों के बीच आपसी सहयोग बेहद आवश्यक है। यदि आमजन समय रहते संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देंगे, तो बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।”
स्थानीय प्रभाव
बैठक का असर सीधे तौर पर क्षेत्र की सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता पर दिखाई दिया।
- नागरिकों ने पुलिस की पहल की सराहना की और भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया।
- साइबर अपराध, बैंक फ्रॉड और नशे के खतरों को लेकर ग्रामीणों और युवाओं में चेतना जागी।
- त्योहारों के दौरान शांति बनाए रखने में यह संवाद कारगर साबित हो सकता है।

आँकड़े और तुलना
पिछले वर्षों में त्योहारों के दौरान साइबर फ्रॉड और सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गई थीं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की जागरूकता बैठकों से इन घटनाओं में कमी आएगी और समाज सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना सकेगा। त्योहारों से पहले पुलिस और जनता के बीच इस तरह की बैठकों का आयोजन बेहद सराहनीय है।
