ज्वालापुर पुलिस द्वारा वारण्टियों को गिरफ्तार करते हुए प्रतीकात्मक फोटो
हरिद्वार पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ज्वालापुर क्षेत्र में दो वारण्टियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी 135 विद्युत अधिनियम के मामलों में लंबे समय से न्यायालय द्वारा वांछित थे।
हरिद्वार जिला पुलिस हाल के महीनों में गैर-जमानती वारंट धारकों और फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। बिजली चोरी जैसे आर्थिक अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस और बिजली विभाग लगातार संयुक्त अभियान भी चला रहे हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों पर कोतवाली ज्वालापुर की एक विशेष टीम बनाई गई, जिसे अदालत द्वारा जारी लंबित वारंटों की तामीली की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अलग-अलग स्थानों पर दबिश, दो वारण्टी गिरफ्तार
कोतवाली ज्वालापुर पुलिस टीम ने मंगलवार को क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों में दबिश देकर दो वांछित आरोपियों को हिरासत में लिया। दोनों मामलों में वर्ष 2020 से विद्युत अधिनियम के तहत न्यायालय द्वारा वारंट जारी थे।
गिरफ्तार किए गए वारण्टियों के नाम—
1. भूरा पुत्र मकसूद
- निवासी: मोहल्ला कैथवाड़ा, निकट गोपाल मास्टर, कडच्छ, ज्वालापुर
- वाद संख्या: 793/2020
- धारा: 135 विद्युत अधिनियम
2. संदीप उर्फ काका पुत्र टोनी उर्फ सीताराम
- निवासी: मोहल्ला शरीफ नगर, तेलियान, ज्वालापुर
- वाद संख्या: 817/2020
- धारा: 135 विद्युत अधिनियम
दोनों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और इन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस टीम
अभियान को सफल बनाने वाली टीम में शामिल थे—
- अ0उ0नि0 गम्भीर तोमर
- का0 महावीर
- का0 दीपक चौहान
पुलिस के अनुसार, “ ” (अधिकारी का आधिकारिक बयान यहाँ उपलब्ध होने पर डाला जाएगा)।
यदि कोई बयान उपलब्ध नहीं है तो यह स्पष्ट किया गया है कि पुलिस नियमित रूप से ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखेगी।
क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा की भावना
ज्वालापुर के स्थानीय निवासियों के अनुसार, पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई किए जाने से क्षेत्र में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। बिजली चोरी के मामलों में गिरफ़्तारी और कार्रवाई से विद्युत विभाग को भी राहत मिली है, जिससे राजस्व चोरी कम होने की उम्मीद है।
बिजली आपूर्ति प्रणाली पर सकारात्मक असर
135 विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई आमतौर पर उन उपभोक्ताओं के विरुद्ध की जाती है जो अवैध कनेक्शन लेकर बिजली विभाग को नुकसान पहुँचाते हैं। ऐसे मामलों में सख्ती से जुर्माना और अभियोजन दोनों ही लागू होते हैं।
इससे स्थानीय स्तर पर बिजली की लाइन लॉस कम होता है और उचित वोल्टेज उपलब्ध रहने में मदद मिलती है।
पिछले वर्ष ज्वालापुर क्षेत्र में विद्युत चोरी के कुल “” मामले दर्ज किए गए थे, जबकि इस वर्ष अब तक “” मामले सामने आए हैं।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में हरिद्वार जनपद में “” वारण्टी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में सुधार दर्शाते हैं।
(ऊपर दिए गए आंकड़े स्थानापन्न हैं—असली डेटा मिलने पर अपडेट किया जा सकता है।)
ज्वालापुर पुलिस की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और विद्युत चोरी जैसे अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे और भी अभियान चलाए जाएंगे, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था और बिजली आपूर्ति व्यवस्था दोनों को बेहतर बनाया जा सके।
निवासियों को भी सलाह दी गई है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें।
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