जेई से मारपीट के विरोध में धरना देते जूनियर पावर एसोसिएशन कर्मचारी
देहरादून ।
पथरिया पीर क्षेत्र में तैनात एक जूनियर इंजीनियर (जेई) के साथ हुई मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज न होने से नाराज उत्तराखंड जूनियर पावर एसोसिएशन ने गुरुवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। एसोसिएशन से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी ईसी रोड स्थित यूपीसीएल कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के चलते देहरादून में बिजली विभाग की राजस्व वसूली का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।
इस आंदोलन ने न केवल यूपीसीएल प्रबंधन बल्कि प्रशासन के सामने भी एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि विभाग अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो मैदानी स्तर पर काम करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
पथरिया पीर में जेई से मारपीट का मामला बना आंदोलन की वजह
जूनियर पावर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, पथरिया पीर क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान एक जेई के साथ मारपीट की गई। यह घटना उस समय हुई जब जेई विभागीय कार्य से क्षेत्र में मौजूद था। घटना के बाद से कर्मचारियों में आक्रोश है, क्योंकि अब तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
एसोसिएशन का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा पर हमला है।
मुकदमा दर्ज न होने से भड़का कर्मचारियों का गुस्सा
उत्तराखंड जूनियर पावर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में यूपीसीएल प्रबंधन को खुद पहल करनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि विभाग की ओर से पीड़ित जेई पर ही व्यक्तिगत रूप से मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।
एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि जब कर्मचारी सरकारी ड्यूटी पर तैनात था, तो यह मामला व्यक्तिगत कैसे हो सकता है?
ईसी रोड यूपीसीएल कार्यालय के सामने धरना
अपनी मांगों को लेकर नाराज कर्मचारियों ने देहरादून के ईसी रोड स्थित यूपीसीएल कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। धरने में बड़ी संख्या में जूनियर इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए।
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक जेई से मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि मैदानी स्तर पर काम करने वाले जेई और अन्य कर्मचारी पहले ही कई चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में यदि उनके साथ मारपीट जैसी घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने वाला है।
एसोसिएशन का कहना है कि आए दिन बिजली कटौती, बिल वसूली और चेकिंग के दौरान कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
उत्तराखंड जूनियर पावर एसोसिएशन ने प्रशासन और यूपीसीएल प्रबंधन के सामने कई मांगें रखी हैं:
- जेई से मारपीट के मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए
- मुकदमा विभाग की ओर से दर्ज कराया जाए
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो
- कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो प्रदेश स्तर पर कार्य बहिष्कार और उग्र आंदोलन भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।
प्रशासन और प्रबंधन पर बढ़ा दबाव
धरना शुरू होने के बाद प्रशासन और यूपीसीएल प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।
हालांकि अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
उत्तराखंड में कर्मचारी आंदोलनों की बढ़ती संख्या
यह पहली बार नहीं है जब किसी विभागीय कर्मचारी से मारपीट के विरोध में आंदोलन हुआ हो। हाल के वर्षों में उत्तराखंड में विभिन्न विभागों के कर्मचारी अपनी सुरक्षा और अधिकारों को लेकर आंदोलन करते नजर आए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन मामलों में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसे आंदोलन और तेज हो सकते हैं।
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