हरिद्वार में बीएमडीएवी स्कूल के छात्रों द्वारा यातायात संचालन का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए दृश्य।
हरिद्वार पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान लगातार जारी है।
इसी क्रम में बी.एम.डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, खड़खड़ी में एक विशेष यातायात जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने न केवल नियम सीखे बल्कि चौराहे का संचालन भी किया।
बच्चों को बनाना जिम्मेदार नागरिक
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशन में जनपद यातायात पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम चला रही है।
इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों को कम उम्र से ही यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के महत्व से अवगत कराना है, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार वाहन चालक और नागरिक बन सकें।
पुलिस विभाग द्वारा इस तरह के कार्यक्रम पिछले कुछ महीनों से जिले के विभिन्न स्कूलों में आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अब तक सैकड़ों विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं।
बीएमडीएवी स्कूल में यातायात जागरूकता गोष्ठी का आयोजन

दिनांक 30 अक्टूबर 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशन में बी.एम.डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, खड़खड़ी में यातायात पुलिस द्वारा एक जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई।
इस अवसर पर छात्रों और छात्राओं को ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी।
उन्हें बताया गया कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें, और ट्रिपल राइडिंग से बचें।
साथ ही, छात्रों को ट्रैफिक साइन, ट्रैफिक सिग्नल और सड़क पार करने के सुरक्षित तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।
गोल्डन ऑवर और गुड सेमेरिटन पर विशेष चर्चा
गोष्ठी के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को “गोल्डन ऑवर” की अवधारणा के बारे में बताया—यानी सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे के भीतर प्राथमिक उपचार और मदद किसी की जान बचा सकती है।
साथ ही, “गुड सेमेरिटन” (Good Samaritan) कानून की जानकारी भी दी गई, जिसके तहत सड़क हादसे में मदद करने वाले व्यक्ति को कानूनी सुरक्षा दी जाती है।
“हम चाहते हैं कि बच्चे न केवल खुद सुरक्षित रहें, बल्कि दूसरों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें,” — यातायात पुलिस अधिकारी
बच्चों ने सीखा यातायात का व्यवहारिक संचालन

गोष्ठी के बाद छात्रों को शंकराचार्य चौक पर ले जाया गया, जहाँ उन्हें चौक संचालन का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
बच्चों ने यातायात संकेतों के अनुसार वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया और नियमों के पालन का प्रदर्शन किया।
इस पहल की स्थानीय लोगों ने खुलकर सराहना की, उन्होंने कहा कि बच्चों को इस तरह की शिक्षा देना समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाएगा।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती लीना भाटिया, फिजिकल एजुकेशन टीचर आशीष राणा, एक्टिविटी इंचार्ज गरिमा और अन्य अध्यापकगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
पिछले अभियानों से बढ़ी जन-जागरूकता
हरिद्वार यातायात पुलिस द्वारा इस वर्ष अब तक से अधिक विद्यार्थियों को यातायात नियमों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार स्कूल-स्तरीय कार्यक्रमों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से आने वाले वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आ सकती है।
सड़क सुरक्षा का पाठ अब स्कूलों में भी

बीएमडीएवी पब्लिक स्कूल, खड़खड़ी में आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों के लिए शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का अनोखा संगम साबित हुआ।
इससे न केवल छात्रों ने सड़क सुरक्षा के नियम सीखे, बल्कि उनमें जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना भी जागी।
यातायात पुलिस का यह अभियान भविष्य में हरिद्वार को सुरक्षित और अनुशासित यातायात वाला शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
