“डीएम मयूर दीक्षित हरिद्वार में विशेष स्वच्छता सप्ताह अभियान का निरीक्षण करते हुए।”
राज्य स्थापना की रजत जयंती सप्ताह के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप हरिद्वार जिले में विशेष स्वच्छता सप्ताह अभियान की शुरुआत की गई है।
अभियान का उद्देश्य न केवल सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई करना है, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
राज्य स्थापना रजत जयंती और स्वच्छता का संदेश
उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरे प्रदेश में रजत जयंती सप्ताह के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अवसर को जनभागीदारी और स्वच्छता के साथ जोड़ा जाए ताकि राज्य विकास और स्वच्छता दोनों में उदाहरण बन सके।
हरिद्वार, जो धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है, में यह अभियान विशेष महत्व रखता है क्योंकि यहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।
हरिद्वार के हर कोने में चल रही सफाई मुहिम
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में हरिद्वार जिले के सभी नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में यह अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत —
- सड़कों, गलियों और पार्कों की विशेष सफाई की जा रही है।
- नालियों की सिल्ट सफाई और कीटनाशक छिड़काव किया जा रहा है।
- मंदिर परिसरों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों को कचरा मुक्त बनाया जा रहा है।
- डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और प्लास्टिक मुक्त शहर अभियान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नगर निगम हरिद्वार और रुड़की, नगर पालिका परिषद शिवालिक नगर, मंगलौर, लक्सर, तथा नगर पंचायत भगवानपुर, पिरान कलियर, झबरेरा, लंदौरा, सुलतानपुर आदमपुर, रामपुर, पाडली गुज्जर, इमलीखेड़ा और ढंडेरा में सफाई कर्मी और जनप्रतिनिधि मिलकर विशेष स्वच्छता अभियान चला रहे हैं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का संदेश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा—
“स्वच्छ और सुंदर जनपद हरिद्वार का सपना तभी पूरा होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जन आंदोलन बनना चाहिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक नगर निकाय द्वारा प्रतिदिन किए जा रहे स्वच्छता कार्यों की जियोटैग फोटो उनके अवलोकन हेतु साझा की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित हो रही है।
डीएम स्वयं भी विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि अभियान प्रभावी रूप से लागू हो सके।
जनता में बढ़ी जागरूकता और सहभागिता
स्वच्छता सप्ताह अभियान से हरिद्वार के नागरिकों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।
स्कूलों, मंदिरों और बाजारों में स्वच्छता रैलियाँ निकाली जा रही हैं।
सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी समूहों ने भी इस अभियान में हाथ बढ़ाया है।
कई क्षेत्रों में लोगों ने अपने स्तर पर नालियों और घरों के आसपास सफाई कार्य किया।
व्यापारी संगठनों ने “प्लास्टिक मुक्त बाजार” के संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
पहले से अधिक सशक्त सफाई व्यवस्था
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार स्वच्छता अभियान अधिक व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत है।
अब सभी निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे सफाई कार्यों का दैनिक डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें ताकि जिला प्रशासन रियल-टाइम निगरानी कर सके।
जहाँ 2024 में हरिद्वार के केवल 40% निकाय सक्रिय रूप से अभियान में शामिल थे, वहीं 2025 में यह भागीदारी 90% से अधिक हो गई है (“”)।
नगर निगम हरिद्वार ने इस वर्ष कचरा सेग्रीगेशन और कम्पोस्टिंग यूनिट स्थापित करने की योजना भी बनाई है।
जनभागीदारी से मिलेगा स्थायी परिणाम
डीएम मयूर दीक्षित ने अपील की है कि सभी नागरिक अपने घरों, गलियों और मोहल्लों को साफ रखने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता सिर्फ एक सप्ताह की मुहिम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए।
प्रशासन ने आमजन से यह भी आग्रह किया कि वे कचरा खुले में न फेंकें और सूखा-गीला कचरा अलग-अलग रखें।
स्वच्छता और जनभागीदारी से सजेगा रजत जयंती सप्ताह
हरिद्वार में चल रहा विशेष स्वच्छता सप्ताह, राज्य की रजत जयंती उत्सव को सार्थक बना रहा है।
यह अभियान न केवल शहर की सूरत बदलने का प्रयास है, बल्कि नागरिकों में जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का भी माध्यम है।
यदि इसी प्रकार प्रशासन और जनता मिलकर काम करते रहे, तो “स्वच्छ और सुंदर हरिद्वार” की संकल्पना जल्द ही साकार हो सकती है।
