“हरिद्वार सिडकुल थाना पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई संबंधी जानकारी”
सिडकुल थाना क्षेत्र में नाबालिग से अपहरण व दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में आरोपी की तलाश जारी थी, जिसे 13 नवंबर 2025 को दबोच लिया गया।
हरिद्वार जिले में बीते कुछ महीनों में नाबालिगों को लक्षित कर पीछा करने, धमकाने और उत्पीड़न से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई है। ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई और कड़ी कानूनी धाराओं के तहत अभियोग पंजीकरण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पोक्सो एक्ट के तहत नाबालिगों के खिलाफ अपराधों को “गंभीर और संज्ञानीय” वर्ग में रखा जाता है, और अभियुक्त की गिरफ्तारी में देरी भी जांच को प्रभावित कर सकती है।
इसी पृष्ठभूमि में सिडकुल थाना पुलिस एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए सामने आई है।
12 नवंबर 2025 को सिडकुल थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को लिखित तहरीर दी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि उसकी नाबालिग पुत्री का:
- आरोपी द्वारा लगातार पीछा किया जा रहा था,
- रास्ता रोककर छेड़खानी और धमकी दी जा रही थी,
- शिकायत करने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी गई,
- और अंततः आरोपी ने अपहरण कर दुष्कर्म किया।
पीड़िता के बयान और तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और तकनीकी व मानवीय स्रोतों की मदद से आरोपी का लोकेशन ट्रेस किया।
13 नवंबर 2025 को पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया, जो उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का निवासी है।
सिडकुल थाना पुलिस के अनुसार—
“पीड़िता की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया था। आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।”
पुलिस ने यह भी कहा कि—
“नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मामले की जांच पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से की जा रही है।”
(जनता पर प्रभाव)
इस प्रकार की घटनाएँ स्थानीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं। नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंताएँ बढ़ती हैं।
- कई कॉलोनियों में माता-पिता ने निगरानी बढ़ाने की बात कही।
- स्कूल क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
- क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस से पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग भी रखी है।
ऐसे मामलों में त्वरित गिरफ्तारी से सार्वजनिक सुरक्षा की भावना मज़बूत होती है और पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद मिलती है।
(पुरानी घटनाओं से तुलना)
हरिद्वार जिले में वर्ष 2024–2025 के बीच पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में करीब “” प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी (डेटा उपलब्ध न होने पर Placeholder)।
पुलिस द्वारा पिछले वर्ष भी इसी प्रकार के मामलों में:
- 48 घंटे के भीतर आरोपी पकड़ने की कई सफल कार्रवाइयाँ हुई थीं,
- लगभग “” मामलों में आरोपपत्र समय पर दाखिल किए गए,
- और कई अभियुक्तों को सजा तक दिलाई गई।
सिडकुल थाना क्षेत्र में भी पिछले वर्ष पीछा करने और छेड़खानी से जुड़े “” मामले दर्ज किए गए थे। यह गिरफ्तारी उन मामलों पर कड़ी कार्रवाई का संकेत है।
नाबालिगों के खिलाफ अपराध न सिर्फ कानून के तहत गंभीर हैं, बल्कि समाज पर गहरा मानसिक व भावनात्मक प्रभाव डालते हैं। सिडकुल पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को राहत मिली है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा और गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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