श्यामपुर पुलिस और एएचटीयू टीम द्वारा हरिद्वार में आश्रय गृहों का निरीक्षण करते अधिकारी।
हरिद्वार जनपद में थाना श्यामपुर पुलिस ने एएचटीयू (Anti Human Trafficking Unit) और जिला बाल कल्याण समिति के साथ मिलकर सरकारी–गैर सरकारी बाल एवं महिला आश्रय गृहों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों और महिलाओं को सुरक्षा, अधिकार और सतर्कता के प्रति जागरूक किया गया तथा कई संस्थानों में पाई गई कमियों को सुधारने के निर्देश दिए गए।बच्चों की सुरक्षा के लिए सख़्त निगरानी क्यों आवश्यक

पिछले कुछ वर्षों में देशभर में बाल तस्करी, अत्याचार, कुप्रबंधन और देखरेख की अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। इसी कारण केंद्र और राज्य स्तर पर बाल संरक्षण गृहों, महिला आश्रय गृहों और छात्रावासों के नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की गई है। उत्तराखंड पुलिस भी समय–समय पर जिले में ऐसे संस्थानों पर चेकिंग और जनजागरूकता अभियानों का आयोजन करती रहती है, ताकि बच्चों और महिलाओं को एक सुरक्षित वातावरण मिल सके।
इसी कड़ी में आज श्यामपुर थाना क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
तारीख: 17 नवंबर 2025
स्थान: थाना श्यामपुर क्षेत्र, हरिद्वार
पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था के दिशा–निर्देश पर प्रदेश भर में चल रहे निरीक्षण अभियान के तहत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशानुसार श्यामपुर पुलिस, एएचटीयू टीम और जिला बाल कल्याण समिति ने संयुक्त रूप से कई आश्रय गृहों का दौरा किया।
निरीक्षण किए गए संस्थान

H3 – श्यामपुर क्षेत्र के छह प्रमुख आश्रय गृहों में निरीक्षण
- क्रिश्चन समिति द्वारा संचालित आश्रय, गाजीवाली
- डिवाइन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस छात्रावास, कांगड़ी श्यामपुर
- डिवाइन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस छात्रावास, सत्य गेस्ट हाउस, कांगड़ी श्यामपुर
- श्रीराम बालक एवं बालिका अनाथ आश्रम, श्यामपुर
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास, लालढांग
- राजकीय आश्रम पद्दति बालक एवं बालिका छात्रावास, डालूपुरी
क्या किया गया?
- बच्चों और महिलाओं को सुरक्षा, कानूनी अधिकार, हेल्पलाइन नंबर, मानव तस्करी और शोषण से बचाव के बारे में जागरूक किया गया।
- आश्रय गृहों की स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन, रिकॉर्ड सिस्टम और प्रबंधन व्यवस्था की जांच की गई।
- जहां कमियाँ मिलीं, वहां संबंधित संचालकों को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए गए।
बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर सकारात्मक प्रभाव
श्यामपुर क्षेत्र में इतना विस्तृत निरीक्षण अभियान चलाना कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
- इससे आश्रय गृहों में रह रहे बच्चों और महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है।
- संस्थानों की निगरानी मजबूत होने से व्यवस्थाओं में सुधार की अपेक्षा बढ़ी है।
- स्थानीय प्रशासन को आश्रय गृहों की वास्तविक स्थिति का स्पष्ट आकलन मिला।
- क्षेत्र में बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता का स्तर बढ़ा है।
पिछले निरीक्षणों से तुलना
उत्तराखंड में समय–समय पर ऐसे निरीक्षण होते रहे हैं। पिछले निरीक्षणों की तुलना में इस बार:
- अधिक संस्थानों को एक ही दिन में कवर किया गया।
- एएचटीयू और बाल कल्याण समिति के साथ संयुक्त कार्रवाई का दायरा बड़ा रहा।
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कुल मिलाकर, यह अभियान अधिक संगठित और व्यापक पैमाने पर संचालित किया गया।
कांस्टेबल 1359 अजय चौहान — थाना श्यामपुर
महिला कांस्टेबल 1286 रेशमा सुल्ताना — थाना श्यामपुर
अ0उ0नि0 राजेश कुमारी — एएचटीयू हरिद्वार
कांस्टेबल 105 मुकेश कुमार — एएचटीयू मायापुर
श्रीमती सुनीता चौधरी — सदस्य, जिला बाल कल्याण समिति, रोशनाबाद
श्यामपुर पुलिस, एएचटीयू और जिला बाल कल्याण समिति द्वारा चलाए गए इस संयुक्त निरीक्षण से बाल एवं महिला आश्रय गृहों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
आशा है कि निर्देशानुसार संस्थान अपनी कमियों को दूर करेंगे और बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करेंगे।
पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
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