"कोतवाली ज्वालापुर हरिद्वार पुलिस स्टेशन"
रिपोर्ट जतिन
हरिद्वार पुलिस की मेहनत रंग लाई
हरिद्वार पुलिस एक बार फिर अपनी तत्परता, ईमानदारी और जनसेवा के लिए चर्चा में है। कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने यह साबित कर दिया कि यदि पुलिस पूरी निष्ठा से कार्य करे, तो खोया हुआ भरोसा ही नहीं बल्कि कीमती सामान भी सुरक्षित वापस मिल सकता है। हरियाणा से अपनी बेटी की शादी के लिए हरिद्वार आई एक महिला का खोया हुआ बैग, जिसमें ₹2 लाख 16 हजार नकद थे, ज्वालापुर पुलिस ने कड़ी मेहनत और तकनीकी सहायता से बरामद कर महिला को सौंप दिया।
शादी की खुशियों के बीच चिंता
दिनांक 03 फरवरी 2026 को रोहतक, हरियाणा के बड़ा बाजार क्षेत्र की रहने वाली एक महिला हरिद्वार पहुंची थीं। वह अपनी बेटी की शादी के लिए होटल मधुबन, रानीपुर ज्वालापुर में ठहरी हुई थीं। हरिद्वार पहुंचने के बाद महिला बस अड्डे से ई-रिक्शा में सवार होकर रानीपुर मोड़ की ओर गईं। ई-रिक्शा से उतरते समय जल्दबाजी में उनका बैग उसी ई-रिक्शा में छूट गया। उस बैग में बेटी की शादी के लिए रखे गए ₹2 लाख नकद और अपने निजी खर्च के लिए रखे ₹16 हजार रुपये थे। जैसे ही महिला को बैग छूटने का एहसास हुआ, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि महिला को न तो ई-रिक्शा का नंबर याद था और न ही चालक का नाम या कोई पहचान।
कोतवाली ज्वालापुर में दी सूचना
घबराई हुई महिला ने तत्काल कोतवाली ज्वालापुर पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। महिला की बात सुनते ही प्रभारी निरीक्षक ज्वालापुर ने मामले की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
विशेष पुलिस टीम का गठन
प्रभारी निरीक्षक ज्वालापुर द्वारा वरिष्ठ उपनिरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम को महिला के खोए हुए बैग की तलाश और जांच का जिम्मा सौंपा गया।
चुनौतीपूर्ण थी जांच
ज्वालापुर क्षेत्र घनी आबादी वाला इलाका है और हरिद्वार में वर्तमान समय में सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। बिना किसी नंबर, पहचान या चालक के नाम के ई-रिक्शा को ढूंढना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने हार नहीं मानी।
CCTV कैमरों से मिली सफलता
पुलिस टीम ने सुरागरसी, पतारसी और तकनीकी जांच के साथ-साथ क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। बस स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर लगे कैमरों की बारीकी से जांच की गई। लगातार दो दिनों की मेहनत के बाद दिनांक 05 फरवरी 2026 को एक सीसीटीवी कैमरे की मदद से उस ई-रिक्शा की पहचान की गई, जिसमें महिला सफर कर रही थीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ई-रिक्शा चालक को तलाश कर लिया।
ईमानदार निकला ई-रिक्शा चालक
जांच के दौरान ई-रिक्शा चालक ने पुलिस को बताया कि उसे ई-रिक्शा में एक बैग मिला था और वह महिला की तलाश कर रहा था ताकि बैग सुरक्षित लौटा सके। चालक की यह ईमानदारी भी सराहनीय रही।
महिला के सामने खोला गया बैग
ज्वालापुर पुलिस टीम ने ई-रिक्शा चालक से बरामद बैग को महिला की उपस्थिति में खोला। बैग के अंदर ₹2 लाख 16 हजार नकद सुरक्षित पाए गए। महिला ने पुष्टि की कि यह वही रकम है, जो उन्होंने बेटी की शादी और निजी खर्च के लिए रखी थी।
पुलिस की तत्परता से लौटी मुस्कान
बैग और नकदी सुरक्षित मिलने के बाद महिला की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने ज्वालापुर पुलिस की तत्परता, ईमानदारी और मेहनत की खुले दिल से सराहना की।
महिला ने जताया आभार
महिला ने हरिद्वार पुलिस और विशेष रूप से कोतवाली ज्वालापुर पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की वजह से उनकी बेटी की शादी की तैयारियां बिना किसी बाधा के पूरी हो सकेंगी।
बरामदगी का विवरण
- खोया हुआ बैग
- नगद ₹2,16,000 (दो लाख सोलह हजार रुपये)
पुलिस टीम में शामिल
- कांस्टेबल नवीन क्षेत्री
- कांस्टेबल संदीप कुमार
- महिला कांस्टेबल रीता रावत
हरिद्वार पुलिस की छवि मजबूत
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि हरिद्वार पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि आम नागरिकों की मदद के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ज्वालापुर पुलिस की इस कार्यवाही से पुलिस की सकारात्मक छवि और मजबूत हुई है।यदि आपके साथ भी कोई ऐसी घटना घटती है, तो घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें। हरिद्वार पुलिस आपकी मदद के लिए सदैव तत्पर है।
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