हरिद्वार पुलिस टीम द्वारा दहेज हत्या मामले में फरार महिला आरोपी की गिरफ्तारी
हरिद्वार जिले के बुग्गावाला थाना क्षेत्र में पुलिस ने दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में फरार चल रही महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी गांव छोड़कर फरार होने की योजना बना रही थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता से उसे समय रहते पकड़ लिया गया।
दहेज हत्या का मामला और जांच की पृष्ठभूमि
24 अगस्त 2025 को हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र निवासी शुभम कुमार ने अपनी बहन की संदिग्ध मृत्यु के मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शुभम ने अपनी तहरीर में सागर पुत्र मांगेराम, उसकी पत्नी और पुत्री — निवासी गांजा मजरा, थाना बुग्गावाला — पर दहेज के लिए लगातार प्रताड़ना देने और अंततः उसकी बहन की मृत्यु के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए और इसकी विवेचना क्षेत्राधिकारी भगवानपुर को सौंपी गई।
पुलिस ने फरार आरोपी को पकड़ा
पुलिस ने एसएसपी के निर्देश के बाद थाना स्तर पर कई टीमें गठित कीं और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
लगातार निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर 11 नवम्बर 2025 को पुलिस टीम ने महिला आरोपी को बंधन बैंक, विहारीगढ़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान महिला निवासी गांजा मजरा, थाना बुग्गावाला, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी किसी अन्य मामले में भी शामिल तो नहीं रही।
पुलिस का आधिकारिक बयान
थाना बुग्गावाला प्रभारी ने बताया कि,
“पुलिस टीम ने सतर्कता और त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आगे की जांच और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।”
उन्होंने कहा कि पुलिस दहेज से संबंधित अपराधों पर सख्त कार्रवाई कर रही है ताकि इस तरह के सामाजिक अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
क्षेत्र में फैली चर्चा और राहत की भावना
इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई समाज के लिए सकारात्मक संदेश देती है।
घटना के बाद मृतका के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, गांव में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हरिद्वार में बढ़ते दहेज अपराध के आंकड़े
पिछले कुछ वर्षों में हरिद्वार जनपद में दहेज उत्पीड़न और हत्या के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2024 में ऐसे “00” मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2025 में अब तक “00” से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ त्वरित पुलिस कार्रवाई ही इस समस्या पर नियंत्रण का प्रमुख उपाय है।
समाज के लिए चेतावनी और सबक
यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा की भयावहता को सामने लाता है। प्रशासन और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि महिला उत्पीड़न और दहेज हत्या जैसे अपराधों के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।समाज के लिए चेतावनी और सबक
यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा की भयावहता को सामने लाता है। प्रशासन और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि महिला उत्पीड़न और दहेज हत्या जैसे अपराधों के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा
समाज के लिए चेतावनी और सबक
यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा की भयावहता को सामने लाता है। प्रशासन और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि महिला उत्पीड़न और दहेज हत्या जैसे अपराधों के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
