“हरिद्वार उपकोषागार में आयोजित पेंशनर्स स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टर स्वास्थ्य जांच करते हुए।”
उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में हरिद्वार उपकोषागार परिसर में पेंशनर्स के लिए जागरूकता कार्यक्रम और चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं की जानकारी देना था।
रजत जयंती सप्ताह के अंतर्गत विशेष आयोजन
हरिद्वार में 6 नवम्बर 2025 को आयोजित यह कार्यक्रम निदेशालय कोषागार, पेंशन एवं हकदारी, उत्तराखण्ड, देहरादून के आदेशानुसार रजत जयंती सप्ताह के तहत किया गया। कार्यक्रम में पेंशनर्स को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सरकार की नई डिजिटल पहल – ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र प्रक्रिया – के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
लगभग 30 पेंशनर्स को मिली स्वास्थ्य सेवाएँ
उपकोषागार हरिद्वार में आयोजित इस चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर में लगभग 30 राजकीय और पारिवारिक पेंशनर्स ने भाग लिया। इन सभी को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श और दवा वितरण जैसी सुविधाएँ दी गईं।
स्वास्थ्य शिविर में डॉ. अंकुर सिंह, डॉ. आशीष कुमार, उज्ज्वल भारद्वाज और वासीराना (फार्मासिस्ट) सहित चिकित्सा दल ने सेवाएँ प्रदान कीं।
जागरूकता कार्यक्रम: डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी गई
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कोषाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि अब पेंशनर्स को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए बैंक या कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि इसे अब स्मार्टफोन या ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे अपलोड किया जा सकता है।
इस पहल से वरिष्ठ नागरिकों का समय, ऊर्जा और धन – तीनों की बचत होगी।
“सरकार पेंशनर्स को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है,” — अजय कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी
कोषागार एवं चिकित्सा विभाग की संयुक्त पहल
इस आयोजन में कोषागार विभाग से वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ एक साथ उपस्थित रहे।
मुख्य रूप से उपस्थित अधिकारीगण —
- अजय कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी
- ललित मोहन पांडेय, कोषाधिकारी
- विनय कुमार त्यागी, उप कोषाधिकारी
- राहुल अग्रवाल एवं रजनीश गुप्ता, सहायक कोषाधिकारी
चिकित्सा टीम में डॉ. अंकुर सिंह, डॉ. आशीष कुमार, उज्ज्वल भारद्वाज, वासीराना (फार्मासिस्ट) और राशिद अहमद व शिवेंद्र कुमार वर्मा (लैब टेक्नीशियन) शामिल रहे।
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, हरिद्वार के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
महामंत्री जेपी चाहर, संरक्षक वीके गुप्ता और उपाध्यक्ष वीपी सैनी ने पेंशनर्स की समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की।
उन्होंने कोषागार विभाग द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से वरिष्ठ नागरिकों में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ती है।
स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रभाव
इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से हरिद्वार जनपद के सैकड़ों पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा से ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के बुजुर्गों को विशेष राहत मिलेगी।
इसके साथ ही स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन से सरकारी पेंशनर्स को नियमित स्वास्थ्य जांच की आदत भी विकसित हो रही है।
राज्यव्यापी पहल और तुलनात्मक दृष्टि
उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ को “सेवा और संवेदना” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
राज्य के विभिन्न जनपदों में इसी प्रकार के पेंशनर्स जागरूकता शिविर, स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम और डिजिटल प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार इन कार्यक्रमों में भागीदारी लगभग 30% अधिक दर्ज की गई है — जो बताता है कि सरकार की योजनाएँ अब अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुँच रही हैं।
हरिद्वार में आयोजित यह पेंशनर्स जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर न केवल सेवा का उदाहरण है बल्कि यह सरकारी तंत्र की मानवीय संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।
राज्य सरकार द्वारा ऐसे शिविरों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों तक पहुँच बनाने और उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त करने का प्रयास, उत्तराखण्ड को “ई-गवर्नेंस आधारित राज्य” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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