हरिद्वार पुलिस द्वारा ऑपरेशन प्रहार के तहत ढोंगी बाबाओं की गिरफ्तारी
हरिद्वार, देवभूमि हरिद्वार में आस्था के नाम पर लोगों को ठगने वाले ढोंगी बाबाओं के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने ताबड़तोड़ अभियान चलाते हुए 30 फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी साधु-संतों का भेष धारण कर आम जनता, खासकर महिलाओं और युवाओं को झांसे में लेकर उनकी धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग कर रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर जिलेभर में “ऑपरेशन प्रहार” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों पर कार्रवाई करना है, जो धर्म और आस्था का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों को ठगते हैं। पुलिस को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग साधु-संतों का भेष धारण कर लोगों को उनके निजी और पारिवारिक समस्याओं का समाधान करने का झूठा भरोसा देकर ठगी कर रहे हैं।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया और कोतवाली नगर क्षेत्र में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया।
पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस टीम ने क्षेत्र में सक्रिय ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए सघन अभियान चलाया। इस दौरान साधु-संतों के वेश में घूम रहे 30 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 172(2) BNSS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन सभी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और इनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये ढोंगी बाबा विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को निशाना बनाते थे। ये लोग उनकी व्यक्तिगत समस्याओं—जैसे परिवारिक कलह, बीमारी, नौकरी या विवाह से जुड़ी परेशानियों—का समाधान करने का झांसा देते थे। इसके बाद ये आरोपी तरह-तरह के टोटके, पूजा-पाठ और झूठे धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर उनसे पैसे ऐंठते थे। कई मामलों में पीड़ितों को मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाता था।
गिरफ्तार किए गए 30 आरोपियों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और नेपाल तक के लोग शामिल हैं। यह दर्शाता है कि यह एक संगठित तरीके से चल रहा नेटवर्क हो सकता है, जो अलग-अलग राज्यों से आकर हरिद्वार में सक्रिय हो जाता है।
इन सभी आरोपियों की पहचान कर उनके पते और अन्य विवरण दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इनका किसी बड़े गिरोह से संबंध है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार “ऑपरेशन प्रहार” आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस अभियान के तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ऐसे ढोंगी बाबाओं और ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य साफ है—देवभूमि हरिद्वार में आस्था के नाम पर होने वाली ठगी को पूरी तरह समाप्त करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना।
हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई एक मजबूत संदेश देती है कि धर्म के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई इस बड़ी कार्रवाई से न केवल ऐसे अपराधियों में डर पैदा होगा, बल्कि आम जनता का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत होगा। देवभूमि की गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान बेहद जरूरी हैं और आने वाले समय में भी पुलिस की यह मुहिम जारी रहने की उम्मीद है।
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