“हरिद्वार में नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा हर की पौड़ी से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।”
हरिद्वार नगर निगम ने सोमवार, 3 नवम्बर को जिला प्रशासन के सहयोग से शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया।
अभियान के दौरान हर की पौड़ी से सीसीआर तक कई जगहों से अतिक्रमण हटाया गया और अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी गई।
लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त
हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।
इस कारण मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।
नगर निगम और जिला प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाते रहे हैं ताकि सड़क यातायात सुचारु रहे और हर की पौड़ी क्षेत्र की स्वच्छता एवं सुरक्षा बनी रहे।
पिछले कुछ महीनों में कई बार यह शिकायतें मिली थीं कि अपर रोड और हर की पौड़ी क्षेत्र में दुकानदारों और फेरीवालों ने फुटपाथ व सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा जमा लिया है।
इसी के चलते प्रशासन ने यह विशेष अभियान चलाया।
कहाँ और कैसे हुई कार्रवाई
सोमवार को नगर मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान के निर्देशन में कोतवाली हरिद्वार, अपर रोड, हर की पौड़ी से सीसीआर तक संयुक्त अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
अभियान में नगर निगम हरिद्वार, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की टीमें शामिल रहीं।
अधिकारियों ने सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए अवैध ठेले, दुकाने और निर्माण हटाए।
मौके पर मौजूद अतिक्रमणकारियों को दोबारा अतिक्रमण न करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई।
नगर निगम की टीम ने चालानी कार्रवाई करते हुए 17 चालान जारी किए और कुल ₹7500 की धनराशि वसूली गई।
नगर मजिस्ट्रेट ने दी सख्त चेतावनी
नगर मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान ने कहा कि —
“अतिक्रमण शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था को बिगाड़ता है। जो लोग बार-बार चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण करते हैं, उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम और प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है ताकि जनता और व्यापारियों के बीच संतुलन बना रहे।
अभियान में शामिल अधिकारी
अभियान के दौरान नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त ऋषभ उनियाल, सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर, सीओ सिटी धीरेन्द्र दत्त सेमवाल और सफाई निरीक्षक नगर निगम हरिद्वार सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
सभी टीमों ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का निरीक्षण किया और अवैध रूप से कब्जा किए गए स्थानों को खाली कराया।
व्यापारियों में हलचल, नागरिकों ने राहत महसूस की
अभियान के बाद क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की स्थिति में सुधार देखा गया।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना की, जबकि कुछ व्यापारियों ने अस्थायी नुकसान की बात कही।
हालांकि, अधिकांश लोगों का मानना है कि अतिक्रमण हटने से हर की पौड़ी और आसपास का इलाका अधिक व्यवस्थित और साफ-सुथरा दिख रहा है।
पिछले अभियानों से क्या बदला
पिछले वर्ष भी हरिद्वार नगर निगम ने इसी तरह का अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था, लेकिन कई स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण लौट आया।
इस बार प्रशासन ने तय किया है कि निगरानी तंत्र मजबूत किया जाएगा ताकि हटाए गए अतिक्रमण दोबारा स्थापित न हों।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम अब डिजिटल मॉनिटरिंग और फील्ड रिपोर्टिंग सिस्टम लागू करने की दिशा में विचार कर रहा है।
प्रशासन की सख्ती से मिलेगी स्थायी राहत की उम्मीद
हरिद्वार नगर निगम द्वारा चलाया गया यह अभियान केवल तात्कालिक कार्रवाई नहीं बल्कि शहर को अतिक्रमण मुक्त और स्वच्छ बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यदि निगरानी और प्रवर्तन तंत्र निरंतर सक्रिय रहा, तो हर की पौड़ी जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों की सुंदरता व स्वच्छता लंबे समय तक बनी रह सकेगी।
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