2027 कुंभ मेला तैयारियों का निरीक्षण करती मेलाधिकारी सोनिका और टीम।
हरिद्वार में 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को लेकर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। मेलाधिकारी सोनिका ने प्रेसवार्ता में बताया कि निर्माण कार्यों से लेकर स्वच्छता और यातायात प्रबंधन तक सभी व्यवस्थाएँ समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएंगी। शासनादेश जारी हो चुके हैं और कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम तेज़ी से चल रहा है।
कुंभ मेले का धार्मिक महत्व और पूर्व तैयारी परंपरा
कुंभ मेला देश का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर पवित्र गंगा स्नान करते हैं। हर बार मेले की तैयारी सालों पहले से शुरू की जाती है, ताकि भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, सड़कें, सुरक्षा, स्वच्छता और अस्थायी सुविधाओं का समुचित प्रबंधन किया जा सके।
2027 के महाकुंभ को “दिव्य और भव्य” बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विस्तार और पर्यटन सुविधा को नए स्तर तक ले जाने की योजना है।
प्रेसवार्ता में हुई समीक्षा और प्रमुख घोषणाएँ
कार्यस्थल — सीसीआर सभागार, हरिद्वार
तारीख: 17 नवंबर 2025
प्रेसवार्ता में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ 2027 से संबंधित निर्माण कार्यों और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य निर्माण कार्य
सिंचाई विभाग के प्रोजेक्ट
- ऋषिकुल से साक्षी सतनाम घाट (लक्ष्मण/भरत घाट) तक 810 मीटर के घाट का निर्माण कार्य जारी।
- अमरापुर घाट से ऋषिकुल पुल—शंकराचार्य चौक (तुलसी घाट) तक 770 मीटर के घाट का निर्माण कार्य प्रगति पर।
- धनौरी–सिडकुल लिंक रोड के मरम्मत कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया गतिमान।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रोजेक्ट
- बहादराबाद–सिडकुल फोर-लेन मार्ग (भाईचारा ढाबा से भेल बैरियर संख्या 06 तक) के चौड़ीकरण व मजबूती के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण।
- एनएच–334 पर पतंजलि योगपीठ से सहदेवपुर–दिनारपुर–सुभाषगढ़ होते हुए पुरकाजी–लक्सर–ज्वालापुर–फेरूपुर तक मार्ग का 1.5 लेन चौड़ीकरण कार्य टेंडर प्रक्रिया में।
स्वच्छता और व्यवस्था
मेलाधिकारी ने कहा कि मेले के दौरान स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसके लिए व्यापक स्वच्छता प्रबंधन प्रणाली और समर्पित टीमें तैनात की जाएंगी।
मेलाधिकारी का बयान
मेलाधिकारी सोनिका ने कहा—
“2027 का कुंभ मेला दिव्य और भव्य ढंग से आयोजित किया जाएगा। सभी निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे करवाए जाएंगे। स्वच्छता, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष योजनाएँ तैयार की जा रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा—
“किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चल रहा है और मेले के दौरान अतिक्रमण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
हरिद्वार के व्यापार, परिवहन और नागरिक जीवन पर असर
कुंभ मेले से पहले हो रहे निर्माण और चौड़ीकरण कार्यों का सीधा असर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों पर पड़ेगा।
- व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
- सड़क चौड़ीकरण से यातायात सुगम होने की उम्मीद।
- नई पार्किंग साइट्स चिन्हित होने से मेले के दौरान जाम की समस्या कम होगी।
- घाटों के सौंदर्यीकरण से धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी।
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