हरिद्वार सज्जनपुर पीली में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाते प्रशासन की टीम
अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई, सज्जनपुर पीली में 1.2 हेक्टेयर सरकारी भूमि मुक्त
हरिद्वार, 03 दिसंबर 2025। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार और जिलाधिकारी हरिद्वार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सज्जनपुर पीली में 1.2 हेक्टेयर सरकारी भूमि से अतिक्रमण को पूरी तरह हटाकर सरकारी जमीन को वापस शासन के कब्जे में ले लिया गया है। उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई सरकारी भूमि की सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए की जा रही है।
जिला प्रशासन की यह कार्रवाई उन सभी के लिए एक सशक्त संदेश है जो सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर सरकार की योजना तथा विकास कार्यों में बाधा डालना चाहते हैं। Chief Minister द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में हरिद्वार में सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए जिले भर में सख्त रुख अपनाया जा रहा है।
अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया और प्रशासन की भूमिका
2025 में प्रदेश के कई जिलों में चली अतिक्रमण हटाने की मुहिम के तहत, हरिद्वार में भी नियमित जांच और सर्वे के बाद अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ की गई है। सज्जनपुर पीली क्षेत्र में हुए इस बड़े ऑपरेशन में पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाने का कार्य सुचारू रूप से पूरा किया। इस अभियान के तहत सरकारी जमीन की कीमत का आकलन कर पुनः कब्जेदारी का विधिपूर्वक निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है।
सरकारी भूमि संरक्षण के महत्व पर जोर
सरकारी भूमि पर प्रभावी नियंत्रण न केवल भूमि हानि को रोकने में मदद करता है, बल्कि इससे सामाजिक सम्पदा का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे भूमि संबंधित किसी भी अतिक्रमण की शीघ्र जांच और निवारण सुनिश्चित करें ताकि विकास कार्य बिना रुके पूर्ण हो सकें।
भविष्य के लिए योजना और जागरूकता
जिला प्रशासन अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए तकनीकी साधनों जैसे ड्रोन सर्विलांस और नियमित मोनीटरिंग को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने की भी योजना है जिससे भूमि संरक्षण में सहायता मिल सके।
यह जिला प्रशासन की तत्परता और समर्पित प्रयास हरिद्वार में सरकारी संपत्तियों के संरक्षण के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। सरकार के सक्रिय कदमों के कारण स्थानीय जनता में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।\
टीमवर्क से मिली सफलता
यह अभियान बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया। प्रशासन, राजस्व टीम और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला।
कार्यवाही के दौरान पहले क्षेत्र की डिमार्केशन (सीमा-नाप) की गई और अवैध निर्माणों की पहचान की गई। उसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से कब्जे हटाए गए।
घरों की दीवारें, टीन शेड, अस्थायी ढांचे तथा खेती की गई फसलें तक हटाई गईं, जो सरकारी भूमि पर किए गए कब्जों का हिस्सा थीं।
अतिक्रमण से कैसे नुकसान होता है?
सरकारी भूमि किसी भी शहर और गांव की व्यवस्था की रीढ़ होती है।
इन जमीनों पर ही—
- स्कूल, अस्पताल, पार्क बनाए जाते हैं
- सड़क व अन्य विकास परियोजनाएँ संचालित होती हैं
- भविष्य की सार्वजनिक योजनाओं की जगह संरक्षित रखी जाती है
अवैध कब्जे होने पर सरकार व जनता दोनों इन सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
इसलिए प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम जनहित के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्षेत्रवासियों ने सराहा कदम
सज्जनपुर पीली के कई स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
उन्होंने कहा कि—
- क्षेत्र में अवैध कब्जों से रास्ते संकीर्ण हो गए थे
- सार्वजनिक क्षेत्र सिकुड़ गया था
- अपराधियों को छुपने का अवसर मिल जाता था
अब साफ-सुथरा और खुला वातावरण पुनः विकसित होगा, जिससे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।
भविष्य की योजना: वहां क्या बनेगा?
प्रशासन ने यह साफ किया कि मुक्त कराई गई सरकारी भूमि का उपयोग जनता की भलाई के लिए किया जाएगा।
भू-उपयोग से संबंधित प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हो सकता है—
- सामुदायिक केंद्र
- पार्क या खेल मैदान
- सरकारी आवास या सार्वजनिक भवन
- स्वच्छता एवं पेयजल संबंधित परियोजनाएँ
अधिकारी जल्द ही इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए विकास विभागों के साथ बैठक करेंगे।
अतिक्रमणकारियों को चेतावनी!
एसडीएम ने कड़ा संदेश देते हुए कहा—
“जो भी लोग सरकारी भूमि पर कब्जा जमाने की सोच रखते हैं, वे अपनी सोच बदल लें। ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि—
- कुछ अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी जारी किए गए
- भूमि के रिकॉर्ड डिजिटाइज़ करके निगरानी प्रणाली मजबूत की जा रही है
- भविष्य में भी इसी प्रकार छापेमारी जारी रहेगी
अन्य क्षेत्रों में भी कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन के इस कदम के बाद अन्य क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ गई है।
नगर क्षेत्र के कई इलाकों में अवैध निर्माण करने वालों ने स्वयं ही ढांचे हटाने शुरू कर दिए हैं, ताकि दंडात्मक कार्रवाई से बच सकें।
सूत्रों के अनुसार—
- जल्द ही ग्रामीण व शहरी दोनों इलाकों में नई सूची तैयार होगी
- बड़े माफिया और जमीन कब्जाने वाले गिरोह पर सख्त कार्रवाई होगी
- पुलिस विभाग और लोक निर्माण विभाग भी संयुक्त सर्वे करेंगे
जिलाधिकारी की निगरानी में अभियान
अतिक्रमण हटाओ अभियान की निगरानी सीधे जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा की जा रही है।
वे टीम से लगातार अपडेट ले रहे हैं और जहां भी जरूरत होगी, अतिक्रमण हटाने बल और मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिलाधिकारी का पहले ही स्पष्ट निर्देश है कि —
शासन की नीतियों के तहत किसी भी कीमत पर राजस्व हानि या सार्वजनिक भूमि का अवैध दोहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हरिद्वार में अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं और बेहतर शहर निर्माण के लिए बुनियाद है।
सरकारी भूमि को बचाने की यह विजय स्थानीय निवासियों के लिए एक सकारात्मक संदेश देती है कि कानून का राज सर्वोपरि है। प्रशासन की यह पहल आगे भी इसी सख्ती से जारी रहने की उम्मीद है।
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