हरिद्वार जीआरपी चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेते बच्चे – सामाजिक विषयों पर चित्र बनाते हुए”
हरिद्वार में पुलिस स्मृति दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस और राज्य स्थापना दिवस की तैयारियों के क्रम में जीआरपी लाइन में एक रंगारंग चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें पुलिसकर्मियों के बच्चों और पुलिस मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थियों ने सामाजिक मुद्दों पर अपनी रचनात्मकता दिखाई।
सामाजिक जागरूकता और रचनात्मकता का संगम
हर साल पुलिस विभाग द्वारा 21 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवधि में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, रक्तदान शिविर, वाद-विवाद प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिता जैसे आयोजन शामिल होते हैं।
इस बार पुलिस स्मृति दिवस और राष्ट्रीय एकता दिवस की तैयारियों के साथ ही पुलिस अधीक्षक जीआरपी के निर्देशन में बच्चों के लिए विशेष चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, ताकि नयी पीढ़ी में सामाजिक संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच का विकास हो सके।
घटना का विवरण
यह प्रतियोगिता 26 अक्टूबर 2025 को पुलिस लाइन जीआरपी हरिद्वार में आयोजित की गई।
कार्यक्रम में जीआरपी में तैनात पुलिस कर्मियों के बच्चे, 40 वाहिनी में स्थापित पुलिस मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थी, और रानीपुर कोतवाली परिसर के पुलिस आवासों में रहने वाले बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
बच्चों ने अपनी चित्रकारी के माध्यम से “नशा एक अभिशाप”, “मोबाइल का प्रयोग व दुरुपयोग” और “महिला सशक्तिकरण” जैसे विषयों को उकेरा। यह दृश्य किसी कला प्रदर्शनी से कम नहीं था, जहाँ रंगों के माध्यम से बच्चों ने समाज के प्रति अपनी सोच और जागरूकता का परिचय दिया।
अधिकारिक बयान
पुलिस उपाधीक्षक जीआरपी स्वप्निल मयाल ने इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए कहा —
उन्होंने बच्चों को मोबाइल के सही उपयोग, नशे के दुष्प्रभाव और महिला सशक्तिकरण की महत्ता के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही बच्चों से आग्रह किया कि वे इन संदेशों को अपने परिवारजनों और मित्रों तक भी पहुँचाएँ।
सम्मान और प्रोत्साहन
कार्यक्रम के अंत में पुलिस उपाधीक्षक जीआरपी ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों — अक्षिता, अभिभव, अनुकृति, रुद्रषा और कृतिका — को सम्मानित किया।
इन सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र और उपहार स्वरूप प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए, ताकि वे आगे भी ऐसे सामाजिक विषयों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहें।
स्थानीय प्रभाव
इस प्रतियोगिता ने न केवल बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ाया, बल्कि नशा मुक्ति, महिला सशक्तिकरण और स्मार्टफोन के जिम्मेदार उपयोग जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाई।
स्थानीय अभिभावकों ने भी जीआरपी द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयासों की सराहना की और कहा कि पुलिस की इस पहल से बच्चों में अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है।
तुलनात्मक परिप्रेक्ष्य
हरिद्वार पुलिस द्वारा बीते वर्षों में भी ऐसी सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती रही हैं, लेकिन इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।यह बताता है कि अब पुलिस विभाग केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
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