रविदास घाट गंगनहर में छात्र डूबने की घटना के बाद सर्च ऑपरेशन में जुटी एसडीआरएफ और पुलिस टीम
हरिद्वार में गंगनहर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां रविदास घाट के निकट एक छात्र के डूबने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और राहत एजेंसियां युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन में जुट गई हैं। घटना 11 फरवरी 2026 की शाम लगभग 6:20 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही हरिद्वार पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आईआईटी के छात्र आशीष शुक्ला, जो एमबीए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी हैं, अपने साथियों के साथ गंगनहर किनारे घूमने गए थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गंगनहर में गिर पड़े। गंगनहर में पानी का तेज बहाव होने के कारण वह देखते ही देखते लापता हो गए। साथियों द्वारा शोर मचाने और सूचना देने पर प्रशासन हरकत में आया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार स्वयं मौके पर पहुंचे और ग्राउंड ज़ीरो का निरीक्षण किया। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को सर्च ऑपरेशन तेज करने, सुरक्षा घेरा मजबूत रखने और हर संभावित स्थान पर तलाश अभियान चलाने के निर्देश दिए। SSP ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा कर रेस्क्यू कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए।
तत्काल प्रभाव से एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस और रुड़की आर्मी की संयुक्त टीमें सर्च ऑपरेशन में लगा दी गईं। गोताखोरों की मदद से गंगनहर के विभिन्न हिस्सों में तलाश की जा रही है। तेज बहाव और अंधेरा होने के बावजूद टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
हरिद्वार पुलिस ने बताया कि रेस्क्यू मिशन पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां समन्वय बनाकर कार्य कर रही हैं ताकि छात्र का शीघ्र पता लगाया जा सके। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि गंगनहर और अन्य जल स्रोतों के किनारे अत्यधिक सावधानी बरतें। तेज बहाव और फिसलन भरे किनारों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेषकर शाम के समय जलस्तर और बहाव का अंदाजा लगाना कठिन होता है।
घटना के बाद छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है और प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है। क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है ताकि सर्च ऑपरेशन में किसी प्रकार की बाधा न आए। यह घटना एक बार फिर जल स्रोतों के किनारे सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा संयुक्त सर्च अभियान जारी है और संबंधित एजेंसियां पूरी गंभीरता से छात्र की तलाश में जुटी हैं।
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