हरिद्वार में सीवर लाइन निर्माण स्थल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी मयूर दीक्षित
हरिद्वार में मंगलवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भूपतवाला और दूधाधारी चौक क्षेत्र में चल रहे सीवर लाइन निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता और स्थायित्व में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हरिद्वार शहर में पिछले कुछ महीनों से सीवर लाइन और पेयजल व्यवस्था के उन्नयन से जुड़ी कई परियोजनाएँ चल रही हैं।
इनका उद्देश्य शहर की सफाई व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और गंगा नदी की स्वच्छता को सुनिश्चित करना है।
भूपतवाला और दूधाधारी चौक क्षेत्र में ये कार्य तेजी से चल रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर यातायात बाधित होने और सड़क क्षति की शिकायतें सामने आई हैं।
इसी स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी ने मौके पर जाकर खुद निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मंगलवार को भूपतवाला क्षेत्र में बिछाई जा रही सीवर लाइन की गुणवत्ता, गहराई, पाइप फिटिंग और सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि –
“सीवर लाइन निर्माण कार्य में स्थायित्व सबसे महत्वपूर्ण है। भविष्य में किसी प्रकार की क्षति, रिसाव या खुदाई की स्थिति नहीं आनी चाहिए।”
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि स्थानीय निवासियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि उनकी दैनिक गतिविधियों में न्यूनतम बाधा उत्पन्न हो।
जिलाधिकारी दीक्षित ने कहा कि,
“अपर रोड और हरकी पौड़ी क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने से पहले व्यापार मंडल, श्री गंगा सभा और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बैठक की जाए। सभी संबंधित पक्षों को कार्य योजना की पूरी जानकारी दी जाए ताकि किसी प्रकार की असुविधा या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।”
उन्होंने यह भी कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एक सॉलिड मास्टर प्लान तैयार किया जाए और कार्य की निरंतर निगरानी एवं नियमित समीक्षा की व्यवस्था की जाए।
सीवर लाइन बिछाने का कार्य हरिद्वार के नागरिक जीवन और व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा असर डाल रहा है।
- स्थानीय बाजारों और मुख्य सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।
- कई दुकानदारों ने आवाजाही में कठिनाई की शिकायत की है।
- वहीं, स्थानीय निवासी उम्मीद जता रहे हैं कि कार्य पूरा होने के बाद शहर की स्वच्छता और सीवरेज व्यवस्था में सुधार होगा।
जिलाधिकारी के निरीक्षण से लोगों में यह विश्वास बढ़ा है कि प्रशासन गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर सख्त नज़र रखे हुए है।
हरिद्वार में सीवर लाइन परियोजना “गंगा स्वच्छता मिशन” के तहत चलाई जा रही है।
पिछले दो वर्षों में शहर में “____ किलोमीटर” (Placeholder) नई पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
इससे पहले 2023 में भी ऐसे ही निरीक्षण के दौरान “____” बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए गए थे, जिनमें से अधिकांश अब पूरे हो चुके हैं।
नए निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं —
- उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार
- प्रोजेक्ट मैनेजर (पेयजल निगम – गंगा) मीनाक्षी मित्तल
- एनएचएआई प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप सिंह
- पीएमसी हेड मिस्टर केन
- केआईपीएल कलस्टर हेड रजत शर्मा
- प्रोजेक्ट मैनेजर मलिका अर्जुन
- लोनिवि ईई दीपक कुमार
- पीएमसी आरई अखिलेश यादव
- जल संस्थान अधिशासी अभियंता विपिन चौहान
इन सभी अधिकारियों को जिलाधिकारी ने कार्य की प्रगति और गुणवत्ता पर निरंतर नजर रखने के निर्देश दिए।
हरिद्वार जैसे तीर्थ नगरी में सीवर लाइन परियोजना का कार्य न केवल शहरी विकास, बल्कि गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का यह निरीक्षण स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन इस बार किसी भी प्रकार की ढिलाई या अनियमितता बर्दाश्त नहीं करेगा।
जनता की सुविधा, कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा — तीनों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी ताकि हरिद्वार आने वाले वर्षों में एक स्वच्छ और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित हो सके।
