दरगाह कलियर के पास शांति भंग के बाद पुलिस गश्त करती हुई।
हरिद्वार जिले के प्रसिद्ध दरगाह कलियर के पास शुक्रवार को दो पक्षों में विवाद बढ़ने से शांति भंग की स्थिति पैदा हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार युवकों को हिरासत में लेकर BNSS की धारा 170 के तहत कार्रवाई की।
धार्मिक स्थल पर शांति बनाए रखना प्रशासन की चुनौती
दरगाह साबिर पाक कलियर शरीफ हरिद्वार जनपद का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन और दुआ के लिए आते हैं। ऐसे स्थानों पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना माहौल को प्रभावित कर सकती है।
हाल के वर्षों में त्योहारों या भीड़-भाड़ के समय यहां पर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता रखनी पड़ती है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मामूली विवाद ने लिया झगड़े का रूप
थाना पिरान कलियर पुलिस के अनुसार, दिनांक 07 नवम्बर 2025 को दोपहर के समय सूचना प्राप्त हुई कि दरगाह परिसर के पास दो पक्षों के बीच जोरदार हंगामा हो रहा है।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वहां दोनों पक्ष एक-दूसरे से भिड़े हुए थे और दरगाह के अंदर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।
पुलिस ने मौके पर समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्ष झगड़े पर उतारू रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने चारों युवकों को हिरासत में लेकर BNSS की धारा 170 (शांति भंग की आशंका में गिरफ्तारी) के तहत कार्रवाई की।
प्रथम पक्ष:
- मेहरबान, पुत्र मकसूद, निवासी जौरासी जबरदस्तपुर, कोतवाली रुड़की, जनपद हरिद्वार, उम्र 20 वर्ष
- आरिफ, पुत्र सलीम, निवासी अकबरपुर झोझा, थाना झबरेड़ा, जनपद हरिद्वार, उम्र 21 वर्ष
द्वितीय पक्ष:
- साहनूर कुरैशी, पुत्र मेहरद्दीन कुरैशी, निवासी मोहल्ला कस्सावान, कोतवाली ज्वालापुर, हरिद्वार, उम्र 21 वर्ष
- रिहान कुरैशी, पुत्र नईम कुरैशी, निवासी मोहल्ला कस्सावान, कोतवाली ज्वालापुर, हरिद्वार, उम्र 19 वर्ष
अधिकारिक बयान:
थाना पिरान कलियर के प्रभारी ने बताया कि, “दरगाह परिसर में विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को शांति भंग के आरोप में हिरासत में लिया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक बबलू उपेन्द्र सिंह, हेड कॉन्स्टेबल रविन्द्र कुमार, होमगार्ड अंकित कुमार और पीआरडी पप्पू कुमार शामिल थे, जिन्होंने मौके पर शांति बहाल कर स्थिति को नियंत्रित किया।
श्रद्धालुओं में दहशत, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
दरगाह के आसपास हुए इस विवाद से श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन एहतियातन क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
व्यापारियों ने मांग की है कि ऐसे धार्मिक स्थलों पर पुलिस गश्त को नियमित किया जाए ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
हरिद्वार जिले में धार्मिक स्थलों पर शांति भंग की यह कोई पहली घटना नहीं है। बीते वर्ष भी 2024 में इसी क्षेत्र में एक छोटे विवाद ने बवाल का रूप ले लिया था, जिसके बाद पुलिस ने दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हरिद्वार में इस वर्ष अब तक शांति भंग के तहत लगभग 120 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से कई धार्मिक या सार्वजनिक स्थानों से जुड़े हैं।
समय रहते पुलिस की कार्रवाई से टला बड़ा विवाद
दरगाह कलियर जैसे धार्मिक स्थलों पर शांति बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस घटना में पुलिस की तत्परता से बड़ा बवाल टल गया।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में CCTV निगरानी और पुलिस गश्त बढ़ाकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है।
प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर धार्मिक सौहार्द बनाए रखना चाहिए ताकि पवित्र स्थलों की गरिमा बनी रहे।
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