हरिद्वार में मायापुर स्थित कांग्रेस कार्यालय में किसानों की समस्याओं को लेकर आयोजित बैठक।
हरिद्वार के मायापुर में जिला महानगर कांग्रेस कमेटी की बैठक में किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है, जबकि इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों का 126 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है।
वर्षों से जारी बकाया भुगतान की समस्या
उत्तराखंड के गन्ना किसानों को लंबे समय से चीनी मिलों से बकाया भुगतान न मिलने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
हरिद्वार की इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है, जिसके कारण किसान आर्थिक संकट में फंसे हैं।
कांग्रेस ने पहले भी कई बार राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मायापुर में कांग्रेस की बैठक, सरकार पर तीखे हमले
जिला महानगर कांग्रेस कमेटी हरिद्वार की बैठक मायापुर स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग ने की, जबकि स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुरली मनोहर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
दोनों नेताओं ने कहा कि
“भाजपा सरकार में किसानों की अनदेखी की जा रही है। इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों का 126 करोड़ रुपये बकाया है, जिसमें 2018–19 का 106 करोड़ और 2024–25 का 20 करोड़ बकाया शामिल है।”
उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत चीनी मिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे ताकि किसानों को उनका बकाया मिल सके और वे आने वाली गेहूं की बुआई समय पर कर सकें।
कांग्रेस नेताओं ने खोले सरकार के दावे
पूर्व प्रदेश महासचिव वरुण बालियान और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार के विकास के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।
“जमीन पर हकीकत यह है कि किसान अपने ही पैसों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। प्रशासन और सरकार के आंकड़े केवल रिपोर्टों में पूरे दिखते हैं।”
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी और पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट ने भी किसानों की बढ़ती लागत पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि डीएपी खाद का बोरा 50 किलो से घटाकर 40 किलो कर दिया गया है और कीमत 1350 से बढ़ाकर 1800 रुपये कर दी गई है, जिससे किसानों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है।
साथ ही, किसानों को नैनो यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका उपयोग समझ न होने के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है।
किसानों में गहराता असंतोष और आर्थिक दबाव
बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र के किसानों में असंतोष तेजी से बढ़ रहा है।
बकाया भुगतान न मिलने और खाद-बीज की बढ़ती कीमतों के कारण किसान कर्ज और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
गन्ना किसानों का कहना है कि जब तक बकाया राशि नहीं दी जाती, वे नई फसल की तैयारी नहीं कर पाएंगे, जिससे आने वाले मौसम में गेहूं उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
पहले भी उठ चुका है भुगतान का मुद्दा
पिछले कुछ वर्षों में इकबालपुर चीनी मिल पर बकाया राशि लगातार बढ़ती रही है।
2019 में भी इसी तरह किसानों ने प्रदर्शन किया था जब [DATA_REQUIRED]% भुगतान समय पर नहीं हुआ था।
इस बार स्थिति और गंभीर मानी जा रही है क्योंकि न केवल बकाया रकम बढ़ी है, बल्कि इनपुट लागत भी दोगुनी हो चुकी है।
कांग्रेस ने दी चेतावनी, आंदोलन की तैयारी
बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष विकास चंद्रा और जिला महानगर कांग्रेस महासचिव विजय प्रजापति ने कहा कि
“यदि सरकार ने जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य होगी।”
बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता—विमल शर्मा साटू, हिमांशु गुप्ता, सोहित सेठी, विवेक भूषण विक्की, ऋषभ वशिष्ठ, अरुण चौहान, अकरम अंसारी, मयंक त्यागी, मुन्ना मास्टर, अनंत पांडेय, अजय गिरी, शुभम जोशी, सोनू शर्मा, धनीराम, तानू वालिया, अंकित चौधरी और अशोक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, कांग्रेस की यह बैठक किसानों की पीड़ा और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का एक सशक्त मंच साबित हुई।
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