हरिद्वार के रामपुर रामघाटी क्षेत्र में अवैध खनन करते पकड़े गए ट्रैक्टर-ट्रॉली और 4×4 लोडर
हरिद्वार जनपद में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खनन विभाग की टीम ने रामपुर रामघाटी क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध खनन में संलिप्त तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक 4×4 लोडर को मौके से पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद सभी वाहनों को तत्काल जब्त कर चौकी भीकमपुर के सुपुर्द कर दिया गया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनपद में किसी भी स्थिति में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और खनन विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित छापेमारी और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि अवैध खनन न केवल राजस्व हानि का कारण बनता है, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
जिला खनन अधिकारी के अनुसार, उन्हें सायंकाल सूचना प्राप्त हुई थी कि रामपुर रामघाटी क्षेत्र में अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम का गठन किया गया और तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक 4×4 लोडर खनन सामग्री लोड करते पाए गए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित वाहनों के पास वैध अनुमति या खनन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
टीम ने बिना समय गंवाए सभी वाहनों को जब्त कर लिया और उन्हें चौकी भीकमपुर के सुपुर्द कर दिया गया। प्रशासन द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित वाहन स्वामियों और संचालकों के खिलाफ खनन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले में अवैध खनन लंबे समय से एक चुनौती बना हुआ है। नदियों के किनारे और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से रेत, बजरी और अन्य खनिज पदार्थों का दोहन पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित खनन से नदी की धारा बदलने, भू-क्षरण बढ़ने और जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय स्तर पर लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। जनपद में पिछले कुछ समय से अवैध खनन के विरुद्ध अभियान तेज किया गया है। विभिन्न स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन की गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
खनन विभाग की टीमों को रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य न केवल अवैध खनन पर रोक लगाना है, बल्कि वैध खनन कार्यों को भी पारदर्शी और नियमों के अनुरूप संचालित करना सुनिश्चित करना है।
इस पूरी कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती का संकेत माना जा रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान से यह संदेश स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अवैध खनन से सड़कों को नुकसान पहुंचता है और भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। साथ ही, नदी किनारे बसे गांवों में भू-क्षरण की समस्या गंभीर होती जा रही है। ऐसे में सख्त कार्रवाई से निश्चित रूप से स्थिति में सुधार आएगा।
प्रशासन ने दोहराया है कि अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी औचक निरीक्षण और छापेमारी की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हरिद्वार प्रशासन की इस निर्णायक कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनपद में अवैध खनन पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। कानून के दायरे में रहकर ही खनन कार्य किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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