जीआरपी हरिद्वार द्वारा गिरफ्तार किए गए ट्रेन में मोबाइल चोरी करने वाले तीन आरोपी पुलिस हिरासत में
थाना जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में ट्रेनों में मोबाइल और पर्स चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चलती ट्रेनों में यात्रियों का कीमती सामान चोरी कर मोबाइल का लॉक तुड़वाकर एटीएम और यूपीआई के माध्यम से पैसे निकाल लेता था। पुलिस ने चोरी हुआ एप्पल आईफोन और एयरपॉड भी बरामद कर लिए हैं।
मामला 25 जनवरी 2026 का है, जब ट्रेन संख्या 14610 हेमकुंड एक्सप्रेस के कोच S9 में यात्रा कर रहे सूरत, गुजरात निवासी पीयूष चंद्रकांत मोदी ने शिकायत दर्ज कराई कि हरिद्वार स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद उनकी पत्नी का लेडीज पर्स चोरी हो गया। पर्स में दो मोबाइल फोन (एप्पल आईफोन और वीवो), एप्पल एयरपॉड, 20 हजार रुपये नकद, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, डीएल और आरसी रखे थे। इस संबंध में जीआरपी देहरादून में जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसे बाद में जीआरपी हरिद्वार स्थानांतरित कर मुकदमा अपराध संख्या 05/2026 धारा 305(बी) बीएनएस में दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पता चला कि चोरी हुए मोबाइल से देहरादून के राजपुर रोड स्थित एटीएम से दो बार में 1000-1000 रुपये निकाले गए थे। मझे हुए विवेचक उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार ने बैंक से संपर्क कर एटीएम फुटेज हासिल की। सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्धों के धुंधले चेहरे दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने पहचान लिया। दोनों आरोपी पहले भी जीआरपी हरिद्वार से जेल जा चुके थे। लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जीआरपी हरिद्वार की टीम ने दोनों मुख्य आरोपियों अंश शर्मा निवासी मुरादाबाद और बलदेव सिंह रावत निवासी टिहरी गढ़वाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने तीसरे साथी दीपक सेमवाल का नाम बताया, जो मोबाइल का लॉक तोड़कर नया यूपीआई पिन सेट करता था। पुलिस ने दीपक सेमवाल के घर से चोरी हुआ एप्पल आईफोन और एयरपॉड बरामद किए।
पुलिस के अनुसार, अंश शर्मा और बलदेव सिंह रावत चलती ट्रेनों में यात्रियों का मोबाइल, पर्स और हैंडबैग चोरी करने में माहिर थे। वे खासतौर पर उन यात्रियों को निशाना बनाते थे जो बातचीत में व्यस्त रहते या प्लेटफॉर्म पर उतरकर सामान खरीदने चले जाते थे। हरिद्वार स्टेशन पर ट्रेन के कुछ देर रुकने का फायदा उठाकर आरोपी वारदात को अंजाम देते थे। चोरी के बाद दोनों आरोपी देहरादून में अपने तीसरे साथी दीपक सेमवाल से घंटाघर क्षेत्र में मिलते थे। दीपक मोबाइल का लॉक तोड़कर नया यूपीआई पिन बनाता और आरोपियों को एटीएम से पैसे निकालने के निर्देश देता था। बाद में मोबाइल को 1000 से 1500 रुपये में राह चलते लोगों को बेच दिया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अंश शर्मा वर्ष 2024 में मोतीचूर के पास ट्रेन डकैती के मामले में भी जेल जा चुका है और उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई हो चुकी है। वहीं बलदेव सिंह रावत के खिलाफ भी पूर्व में चोरी के मामले दर्ज हैं।
उपरोक्त प्रकरण में धारा बढ़ाते हुए आरोपियों को धारा 305(बी), 317(2), 3(5) बीएनएस के तहत गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को हरिद्वार लाकर माननीय न्यायालय के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कप्तान अरुणा भारती ने तकनीकी तरीके से अभियुक्तों को पकड़ने पर विवेचक प्रमोद कुमार और पूरी जीआरपी हरिद्वार टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में चोरी करने वाले ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ऐसे और लोगों की पहचान कर रही है जो चलती ट्रेनों में चोरी की घटनाओं में संलिप्त हैं। इस पूरे ऑपरेशन में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, अपर उपनिरीक्षक श्यामदास, कांस्टेबल जाहुल हसन, ईश्वर नेगी और दीपक चौधरी (एसओजी जीआरपी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने दिन-रात मेहनत कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और चोरी का सामान बरामद किया।
जीआरपी हरिद्वार ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें। मोबाइल और पर्स को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा अजनबियों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना रेलवे पुलिस को दें। यह कार्रवाई जीआरपी हरिद्वार की सतर्कता और सक्रियता का उदाहरण है। कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में लगातार अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह संदेश भी है कि लापरवाही अपराधियों को मौका देती है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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