ग्राम चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते अधिकारी
ग्राम चौपालों के जरिए गांव में ही हो रहा समस्याओं का समाधान, हजारों ग्रामीणों को मिल रही राहत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में ग्रामीण समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए ग्राम चौपाल एक मजबूत माध्यम बनकर सामने आए हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व और निर्देशन में प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। “गांव की समस्या–गांव में समाधान” की अवधारणा पर आधारित यह पहल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर रही है।
गांव तक पहुंच रहा प्रशासन
डबल इंजन सरकार की इस पहल से प्रशासन सीधे गांव और गरीबों तक पहुंच रहा है। ग्राम चौपालों में ग्रामीण अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ सार्वजनिक और सामुदायिक मुद्दों को भी अधिकारियों के समक्ष रख रहे हैं। मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण से ग्रामीणों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत हो रही है।
विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने
ग्राम चौपालों के माध्यम से गांवों में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति भी सामने आ रही है। सड़क, आवास, स्वच्छता, पेयजल, पेंशन, राशन कार्ड और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा सीधे गांव में की जा रही है। इससे न केवल योजनाओं की निगरानी मजबूत हुई है, बल्कि लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई भी संभव हो पा रही है।
चौपाल से पहले सफाई और जागरूकता पर जोर
उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में ग्राम चौपालों के आयोजन से पहले गांवों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को चौपाल के उद्देश्य और लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसका सकारात्मक असर यह हुआ है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण चौपालों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।
हजारों प्रकरणों का मौके पर समाधान
ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को प्रदेश की 1326 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया। इन चौपालों के दौरान 3295 प्रकरणों का निस्तारण पंचायत स्तर पर ही कर दिया गया। कार्यक्रमों में 3295 ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी तथा 5599 ग्राम स्तरीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
64 हजार से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता
इन ग्राम चौपालों में 64 हजार से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की और अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले जहां छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान में महीनों लग जाते थे, वहीं अब चौपालों के जरिए त्वरित कार्रवाई हो रही है। इससे ग्रामीणों का शासन और प्रशासन पर भरोसा बढ़ा है।
अब तक छह लाख से अधिक समस्याओं का निस्तारण
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में एक लाख 80 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है। इनके माध्यम से छह लाख से अधिक समस्याओं और प्रकरणों का समाधान किया गया है। यह आंकड़े बताते हैं कि ग्राम चौपाल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का प्रभावी मॉडल बन चुके हैं।
नियमित आयोजन के निर्देश
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम चौपालों का आयोजन नियमित और विधिवत रूप से जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान ही नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है।
गांवों के समग्र विकास को मिलेगी गति
ग्राम चौपालों के माध्यम से गांवों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सहभागिता का माहौल बन रहा है। इससे न केवल ग्रामीण समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है, बल्कि गांवों के समग्र विकास को भी नई गति मिल रही है। आने वाले समय में यह पहल उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास मॉडल को और अधिक सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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