मुख्यमंत्री धामी पिथौरागढ़ में सहकारिता मेले के शुभारंभ समारोह में योजनाओं का लोकार्पण करते हुए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले के शुभारंभ अवसर पर 85.14 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता से प्रदेश में आत्मनिर्भरता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
सहकारिता वर्ष 2025 और उत्तराखंड की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया गया है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने पूरे प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में नई नीतियों और योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी विकास की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण, किसान कल्याण योजनाएँ और महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है।
पिथौरागढ़ में मेले का शुभारंभ और योजनाओं की घोषणा
पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 85.14 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 23.16 करोड़ की लागत से नई परियोजनाओं का शिलान्यास और 61.98 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ये सभी योजनाएँ पिथौरागढ़ के सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
मुख्यमंत्री धामी का संबोधन
मुख्यमंत्री ने कहा, “सहकारिता भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। यह एक-दूसरे के सहयोग से आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाती है।”
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सहकारिता मंत्रालय का गठन देश में “सहकार से समृद्धि” के विजन को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि—
प्रदेश की 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण हो चुका है।
24 समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं।
640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर बनाया गया है।
राज्य की 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया जा चुका है।
फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की गई हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को बल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों और स्वयं सहायता समूहों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
- दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।
- छोटे किसानों को 1 लाख रुपये का ब्याजमुक्त फसली ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी सहकारी बैंकों में है, जो जनता के भरोसे का प्रतीक है।
साथ ही, 1.70 लाख से अधिक महिलाएँ “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जिससे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई पहचान मिली है।
विकास की रफ्तार में पिथौरागढ़ की भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिथौरागढ़ में वर्तमान समय में अनेक विकास कार्य प्रगति पर हैं —
- 750 करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जारी।
- 34 करोड़ रुपये से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण।
- बेरीनाग में नया स्टेडियम, अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में बस स्टेशन निर्माणाधीन।
- 327 करोड़ रुपये की सड़कों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हो रहा है।
- पिथौरागढ़ को अब देहरादून, हल्द्वानी और दिल्ली से हवाई सेवा से जोड़ा गया है।
- 450 करोड़ रुपये की लागत से पिथौरागढ़ एयरपोर्ट को आधुनिक स्वरूप देने की योजना शीघ्र शुरू होगी।
सहकार से समृद्धि की दिशा में अग्रसर उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता आंदोलन से प्रदेश में आत्मनिर्भरता की नई मिसालें स्थापित हो रही हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे सहकारी समितियों से जुड़कर इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दें।
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