“हरिद्वार पुलिस द्वारा अवैध खनन में शामिल डम्पर और ट्रैक्टरों की सीजिंग के दौरान ली गई तस्वीर”
हरिद्वार पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन वाहनों को खनन सामग्री सहित कब्जे में लिया है। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी की रोकथाम और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि दिन के समय खनन वाहन चलते पाए गए तो कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वैध खनन की बढ़ती चुनौती

हरिद्वार जनपद में अवैध खनन एक लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। नदियों और पहाड़ों से अनियंत्रित खनन न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है बल्कि इससे सड़कों पर भारी वाहन चलते रहने से हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है।
खनन सामग्री की तस्करी अक्सर रात के अंधेरे में अधिक सक्रिय देखी जाती है, ताकि प्रशासन की नजर से बचा जा सके। बार-बार चेतावनी और अभियान चलाए जाने के बाद भी खनन माफिया अपने नेटवर्क जारी रखते हैं, जिसके कारण पुलिस ने अब और सख्त रवैया अपनाया है।
29 नवंबर 2025 को हद्दीपुर के पास सड़क दुर्घटना की सूचना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने सुरक्षा और नियंत्रण हेतु विशेष निर्देश जारी किए।
इसी क्रम में थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार, कोतवाली क्षेत्राधिकार अंतर्गत पुलिस टीम के साथ सोहलपुर रोड पर अवैध खनन गतिविधियों पर शिकंजा कसने निकले।
छापेमारी के दौरान निम्न तीन वाहन अवैध खनन सामग्री के साथ पकड़े गए—
| वाहन संख्या | वाहन प्रकार | चालक का नाम | निवासी |
|---|
| UP12BH9559 | ट्रैक्टर-ट्रॉली | इसरार पुत्र हबीब | ग्राम तेल्लीवाला, थाना कलियर हरिद्वार |
| UK17U2383 | ट्रैक्टर-ट्रॉली | मोहित पुत्र महेन्द्र | ग्राम बेडपुर, थाना कलियर हरिद्वार |
| UK14CA9045 | डम्पर | मुस्तफा पुत्र मुर्तजा | भारापुर भौंरी, थाना बहादराबाद हरिद्वार |
सभी वाहनों में मिट्टी और रेत (खनन सामग्री) लदी हुई थी। अभियुक्त अवैध रूप से खनन स्थल से सामग्री लाकर परिवहन कर रहे थे।
पुलिस टीम ने मौके पर ही वाहनों को कब्जे में लेते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया।
सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर बड़ा कदम

अवैध खनन सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि:
✔ नदी पर्यावरण को नुकसान
✔ भूमि का क्षरण
✔ सड़क हादसों में बढ़ोतरी
✔ अवैध अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
जैसे परिणामों को जन्म देता है।
भारी वाहन अक्सर तेज़ रफ़्तार और ओवरलोडिंग में चलते हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और आम नागरिक खतरे में पड़ते हैं।
इस कार्रवाई से लोगों में राहत और खनन माफिया में डर दोनों देखने को मिल रहा है।
क्यों बढ़ रही हैं रात में खनन की घटनाएँ?
- रात में पुलिस की गश्त अपेक्षाकृत कम
- खेत/नहर किनारे रास्ते से चोरी-छिपे आवागमन
- ट्रैफिक कम होने से पकड़ने की संभावना घटती है
रात्रिकालीन रोक अभियान – नई रणनीति
पुलिस ने घोषणा की है कि:
रात 11:00 बजे से सुबह 05:00 बजे तक
विशेष चेकिंग अभियान संचालित किया जाएगा।
वहीं, दिन में किसी भी खनन वाहन को चलते पाया गया
तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी। हरिद्वार जिले में पिछले कुछ समय से—
- सड़क हादसों में तेज़ी से वृद्धि
- नहर किनारे अवैध रूप से मिट्टी/रेत ढुलाई
- ओवरलोड वाहन नियम उल्लंघन बढ़ा

हाल की दुर्घटना ने प्रशासन को तुरंत सख्ती की तरफ बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। पुलिस का कहना है कि इन छापों और चेकिंग के परिणाम जल्द ही व्यापक रूप से देखने को मिलेंगे।
हरिद्वार पुलिस की इस निर्णायक कार्रवाई ने अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने में बड़ा संदेश दिया है। प्रशासन लोगों से अपील करता है कि सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
आने वाले दिनों में और भी कड़े कदम उठाकर खनन के अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की कोशिश जारी रहेगी।
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