अल्मोड़ा में महिला विरोधी बयान के खिलाफ कांग्रेस का पुतला दहन
महिला विरोधी बयान को लेकर अल्मोड़ा में सियासी घमासान
अल्मोड़ा जनपद में उस समय राजनीतिक माहौल गर्मा गया जब उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधर साहू के एक विवादित और महिला विरोधी बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतर आई। जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा में जोरदार प्रदर्शन करते हुए मंत्री और उनके पति का पुतला दहन किया।
कांग्रेस नेताओं ने इस बयान को न केवल महिलाओं का अपमान बताया, बल्कि इसे देश की बेटियों की गरिमा पर सीधा हमला करार दिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बयान की कड़ी निंदा की।
चौघानपाटा में हुआ विरोध प्रदर्शन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत चौघानपाटा में एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने महिला सम्मान के समर्थन में नारे लगाए। इसके बाद रेखा आर्या और गिरधर साहू का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इस प्रकार के बयान समाज में महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष का तीखा बयान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि भाजपा की सत्ता में उसके नेताओं और उनके परिजनों के भीतर महिलाओं को वस्तु के रूप में देखने की मानसिकता पनप रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान केवल एक व्यक्ति की सोच नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में पनप रही उस मानसिकता का प्रतीक है, जो महिलाओं के सम्मान को गंभीरता से नहीं लेती।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की इस मामले में चुप्पी यह दर्शाती है कि वह इस सोच से खुद को अलग करने के लिए तैयार नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि रेखा आर्या सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और भाजपा नेतृत्व स्पष्ट करे कि वह इस बयान से सहमत है या नहीं।
विधायक मनोज तिवारी का हमला
प्रदर्शन में मौजूद विधायक मनोज तिवारी ने इस बयान को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे नारों पर करारा तमाचा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में गहरा अंतर है।
मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसके नेताओं और उनके परिजनों के बयान महिलाओं को अपमानित करने वाले होते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस इस मामले को हल्के में नहीं लेगी।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
कांग्रेस पार्टी ने साफ किया है कि यदि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नेताओं ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो यह आंदोलन जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि महिला सम्मान से जुड़ा यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार का विषय है, जिस पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
पुतला दहन कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और युवा नेता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से—
- जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज
- विधायक मनोज तिवारी
- नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी
- महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट
- युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक कुमार
सहित पूरन रौतेला, दीपा साह, राधा टम्टा, सुशील साह, दीप डांगी, परितोष जोशी, अमरजीत भाकुनी, आनंद सिंह बिष्ट, विनोद वैष्णव, गोविंद मेहरा, वैभव पांडे, हेम तिवारी, अनूप भारती, प्रदीप कुमार, दिनेश नेगी, कार्तिक साह, हिमांशु मेहता और संदीप बिष्ट सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अल्मोड़ा की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां भाजपा को महिला विरोधी सोच का प्रतीक बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की प्रतिक्रिया सामने आएगी
कैबिनेट मंत्री के पति के विवादित बयान को लेकर कांग्रेस का यह प्रदर्शन स्पष्ट करता है कि महिला सम्मान का मुद्दा अब सियासी बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस ने साफ संकेत दे दिया है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उसका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं भाजपा के लिए यह मामला राजनीतिक और नैतिक दोनों दृष्टि से चुनौती बनता नजर आ रहा है।
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