हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ द्वारा संयुक्त सुरक्षा चेकिंग अभियान
हरिद्वार,
पंजाब राज्य में हाल ही में रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट की घटना को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड में भी रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसी क्रम में हरिद्वार में पुलिस अधीक्षक जीआरपी के नेतृत्व में जीआरपी (Government Railway Police) और आरपीएफ (Railway Protection Force) द्वारा संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय करना है।
पुलिस अधीक्षक रेलवे सुश्री अरुणा भारती के निर्देशानुसार दिनांक 28 अप्रैल 2026 को पुलिस उपाधीक्षक जीआरपी उत्तराखंड हरिद्वार श्री अनुज कुमार के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया गया। इस दौरान जनपद के सभी रेलवे स्टेशनों पर थाना प्रभारियों और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई तथा सुरक्षा के मद्देनजर व्यापक स्तर पर चेकिंग की गई।
अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और ट्रेनों के अंदर तक गहन निरीक्षण किया गया। यात्रियों के सामान की बारीकी से जांच की गई, वहीं संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा हर गतिविधि पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि इस संयुक्त अभियान में जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया जा रहा है, जिसमें सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की ट्रैकिंग और इंटेलिजेंस इनपुट का उपयोग शामिल है।
पुलिस उपाधीक्षक अनुज कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्वयं चेकिंग अभियान का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रेलवे सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर निगरानी रखी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन एस्कॉर्टिंग भी बढ़ाई गई है।
अभियान के दौरान यात्रियों को भी जागरूक किया गया। पुलिस ने यात्रियों से अपील की कि वे अपने सामान की स्वयं निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस कर्मी को दें। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 112 और रेलवे हेल्पलाइन 139 पर भी सूचना देने की अपील की गई है।

रेलवे प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि यात्रियों को सुरक्षित और निर्भय यात्रा का अनुभव मिले। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
हरिद्वार, जो कि एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, यहां हर दिन हजारों की संख्या में यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में रेलवे सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना बेहद आवश्यक हो जाता है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि होती है, जिसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही पूरी तैयारी में जुटी हुई हैं।
इस अभियान के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं और हर संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
अंत में पुलिस और रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें आमजन की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि सभी लोग सतर्क रहें और समय पर सूचना दें, तो किसी भी बड़ी घटना को टाला जा सकता है।
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