कोतवाली नगर हरिद्वार में 155 लंबित बिसरा व माल का विधिवत निस्तारण
हरिद्वार, 28 अप्रैल 2026।
जनपद हरिद्वार में पुलिस प्रशासन द्वारा लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मालखाने में लंबे समय से लंबित पड़े अज्ञात शवों के पोस्टमार्टम (पीएम) से संबंधित बिसरा और अन्य मालों का विधिवत निस्तारण किया है। यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि न्यायिक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा जनपद के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि मालखानों में वर्षों से लंबित पड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इन निर्देशों के अनुपालन में कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने अपने मालगृह में रखे ऐसे मामलों की समीक्षा की, जो लंबे समय से लंबित थे और जिनका निस्तारण आवश्यक था।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, मालखाने में अज्ञात शवों के पोस्टमार्टम से संबंधित कई बिसरा (शरीर के संरक्षित अंग या नमूने) और अन्य वस्तुएं वर्षों से सुरक्षित रखी गई थीं। इनका संबंध विभिन्न पुराने मामलों से था, जिनमें जांच और कानूनी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी या जिनकी आगे कोई आवश्यकता नहीं रह गई थी। ऐसे में इन वस्तुओं का नियमानुसार निस्तारण किया जाना जरूरी था, ताकि मालखाने में स्थान का उचित उपयोग हो सके और रिकॉर्ड व्यवस्थित रह सके।
इस दिशा में आगे बढ़ते हुए कोतवाली नगर पुलिस ने उप जिलाधिकारी कार्यालय से आवश्यक पत्राचार किया। प्रशासनिक स्तर पर विचार-विमर्श के बाद दिनांक 23 अप्रैल 2026 को एक अधिकृत समिति का गठन किया गया, जिसे इन लंबित बिसरा और मालों के निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपी गई। समिति के गठन के साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, विधिसम्मत और नियमों के अनुरूप हो।
इसके बाद दिनांक 28 अप्रैल 2026 को गठित समिति की उपस्थिति में निस्तारण की प्रक्रिया को अमल में लाया गया। इस दौरान कुल 82 बिसरा (190 जार) और 73 अन्य माल, यानी कुल 155 लंबित बिसरा/मालों का विधिवत विनिष्टीकरण किया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान सभी निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक मानकों का पालन किया गया।
इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में पुलिस टीम की भूमिका भी सराहनीय रही। मालखाने में रखे रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना, संबंधित वस्तुओं की पहचान करना और निस्तारण की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे टीम ने दक्षता के साथ पूरा किया।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी/कर्मचारी:
- व0उ0नि0 गोपाल दत्त भट्ट
- हे0का0 होशियार सिंह (मालखाना मोहर्रिर)
- का0 राजेश सेमल्टी
यह भी पढ़ें–गंगनहर पुलिस ने छापेमारी कर दो वारंटी दबोचे…
